दिल्ली की सीमाओं पर अब भी डटे हैं किसान, केन्द्र-किसान संगठनों के बीच आज होगी वार्ता

दिल्ली की सीमाओं पर अब भी डटे हैं किसान, केन्द्र-किसान संगठनों के बीच आज होगी वार्ता

दिल्ली की सीमाओं पर अब भी डटे हैं किसान, केन्द्र-किसान संगठनों के बीच आज होगी वार्ता
Modified Date: November 29, 2022 / 07:54 pm IST
Published Date: December 30, 2020 7:44 am IST

नयी दिल्ली, 30 दिसम्बर (भाषा) केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसान अब भी कड़ाके की ठंड के बीच दिल्ली से लगी सीमाओं पर डटे हैं।

दिल्ली में शीत लहर के साथ ही बुधवार को न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने नव वर्ष की पूर्व संध्या पर सर्दी के और बढ़ने का पूर्वानुमान भी लगाया है।

नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसान करीब एक महीने पहले सिंघू बॉर्डर पर पहुंचे थे।

केन्द्र और किसान संगठनों के बीच बुधवार को एक बार फिर बातचीत शुरू होगी। हालांकि प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों का कहना है कि चर्चा केवल तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने के तौर-तरीकों एवं न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी देने पर ही होगी।

दिल्ली से लगी सीमाओं पर सुरक्षा कड़ी है सिंघू, गाजीपुर और टिकरी बॉर्डर पर सैकड़ों सुरक्षा कर्मी तैनात हैं।

इस साल सितम्बर में अमल में आए तीनों कानूनों को केन्द्र सरकार ने कृषि क्षेत्र में बड़े सुधार के तौर पर पेश किया है। उसका कहना है कि इन कानूनों के आने से बिचौलिए की भूमिका खत्म हो जाएगी और किसान अपनी उपज देश में कहीं भी बेच सकेंगे।

दूसरी तरफ, प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों का कहना है कि इन कानूनों से एमएसपी का सुरक्षा कवच खत्म हो जाएगा और मंडियां भी खत्म हो जाएंगी तथा खेती बड़े कारपोरेट समूहों के हाथ में चली जाएगी।

सरकार लगातार कह रही है कि एमएसपी और मंडी प्रणाली बनी रहेगी और उसने विपक्ष पर किसानों को गुमराह करने का आरोप भी लगाया है।

भाषा निहारिका नरेश

नरेश


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