स्कूली पाठ्यपुस्तकों में गलतियों को लेकर किसान संगठन ने 12 घंटे के ओडिशा बंद का आह्वान किया

स्कूली पाठ्यपुस्तकों में गलतियों को लेकर किसान संगठन ने 12 घंटे के ओडिशा बंद का आह्वान किया

स्कूली पाठ्यपुस्तकों में गलतियों को लेकर किसान संगठन ने 12 घंटे के ओडिशा बंद का आह्वान किया
Modified Date: September 29, 2026 / 10:15 pm IST
Published Date: September 29, 2026 10:15 pm IST

भुवनेश्वर, 29 सितंबर (भाषा) नव निर्माण कृषक संगठन (एनएनकेएस) ने सरकारी स्कूलों की पाठ्यपुस्तकों में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर गलतियों को लेकर बुधवार को 12 घंटे के ओडिशा बंद का आह्वान किया है। संगठन ने स्कूल एवं जनशिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड के इस्तीफे की मांग की है।

किसान अधिकारों के लिए काम करने वाले इस संगठन ने कहा कि बंद पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा। संगठन इस मुद्दे को लेकर 20 अगस्त से क्रमिक भूख हड़ताल कर रहा है।

भुवनेश्वर में छह सितंबर से भूख हड़ताल पर बैठे एनएनकेएस के राष्ट्रीय समन्वयक अक्षय कुमार ने आंदोलन के लिए जनता का समर्थन मांगा।

उन्होंने कहा कि यह मुद्दा लाखों छात्रों के भविष्य और ओडिशा के गौरव से जुड़ा है।

उन्होंने मंगलवार को कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि बंद सफल रहेगा।’’

कुमार ने कहा कि बंद के दौरान दुकानें, बाजार, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, निजी प्रतिष्ठान और बसों समेत सार्वजनिक परिवहन सेवाएं बंद रहेंगी।

एनएनकेएस को माकपा और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया का समर्थन मिला है।

हालांकि, कांग्रेस और ‘इंडिया’ गठबंधन के अन्य दलों ने तीन मुद्दों को लेकर आठ अक्टूबर को अलग राज्यव्यापी बंद का ऐलान किया है। इन मुद्दों में नया खनन कानून रद्द करना, गोंड का इस्तीफा और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाना शामिल है।

एनएनकेएस के अनुसार, हाल ही में प्रकाशित स्कूल की पाठ्यपुस्तकों में 1,700 से अधिक गलतियां पाई गई हैं।

संगठन द्वारा बताई गई गलतियों में नियमगिरि पहाड़ियों को झारखंड में स्थित बताया जाना और ओडिशा विधानसभा की जगह कर्नाटक विधानसभा की तस्वीर प्रकाशित किया जाना शामिल है। पाठ्यपुस्तकों में वैज्ञानिक आइजैक न्यूटन को पायलट भी बताया गया है।

इस बीच, ओडिशा माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (बीएसई) ने स्पष्ट किया कि एनएनकेएस के बंद को देखते हुए किसी भी परीक्षा को स्थगित करने या रद्द करने का कोई फैसला नहीं लिया गया है।

पुलिस ने भुवनेश्वर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। शहर के कुछ स्थानों पर करीब 10 प्लाटून बल और 15 अधिकारियों को तैनात किया गया है।

सरकारी कर्मचारियों को भी सामान्य रूप से कार्यालय आने को कहा गया है।

भाषा

राखी पवनेश

पवनेश


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