एफसीआरए विधेयक ‘दमनकारी’, विदेश नीति विफल, मछुआरे श्रीलंका के हमलों का सामना कर रहे: स्टालिन

एफसीआरए विधेयक ‘दमनकारी’, विदेश नीति विफल, मछुआरे श्रीलंका के हमलों का सामना कर रहे: स्टालिन

एफसीआरए विधेयक ‘दमनकारी’, विदेश नीति विफल, मछुआरे श्रीलंका के हमलों का सामना कर रहे: स्टालिन
Modified Date: April 4, 2026 / 12:05 pm IST
Published Date: April 4, 2026 12:05 pm IST

नागरकोइल (तमिलनाडु), चार अप्रैल (भाषा) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने केंद्र द्वारा प्रस्तावित एफसीआरए संशोधन विधेयक 2026 को शनिवार को ‘‘दमनकारी’’ करार दिया और आरोप लगाया कि यह विधेयक अल्पसंख्यकों, विशेष रूप से ईसाई संगठनों को निशाना बनाता है। उन्होंने इस विधेयक को वापस लेने की मांग की।

नागरकोइल में एक रैली को संबोधित करते हुए स्टालिन ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार तमिलनाडु के मछुआरों की रक्षा करने में विफल रही है और उसकी विदेश नीति भी नाकाम रही है।

इसके अलावा, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऐसी स्थिति पैदा कर दी है कि छोटे पड़ोसी देशों के बीच भी भारत का प्रभाव नहीं रहा है।

उन्होंने कहा कि विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों को छीनने के समान है तथा यह धर्म की स्वतंत्रता और सामाजिक सेवा करने के इच्छुक लोगों पर गंभीर हमला है।

भाषा सुरभि गोला

गोला


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