Bhopal Water Crisis : पानी के लिए मची मारामारी! 4 दिनों से बूंद-बूंद को तरस रहे लोग, कोलार पाइपलाइन डैमेज से राजधानी में हाहाकार

भोपाल में कोलार पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण पिछले चार दिनों से कई इलाकों में पेयजल संकट गहरा गया है। लोग पानी के लिए हैंडपंपों और अन्य वैकल्पिक स्रोतों पर निर्भर हैं। वहीं, टैंकरों से सप्लाई के दावों के बावजूद कई क्षेत्रों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं।

Bhopal Water Crisis : पानी के लिए मची मारामारी! 4 दिनों से बूंद-बूंद को तरस रहे लोग, कोलार पाइपलाइन डैमेज से राजधानी में हाहाकार

Bhopal Water Crisis / Image Source : AI generated

Modified Date: June 5, 2026 / 10:38 am IST
Published Date: June 5, 2026 10:36 am IST
HIGHLIGHTS
  • कोलार पाइपलाइन डैमेज होने से कई इलाकों में पानी सप्लाई प्रभावित
  • लोग हैंडपंपों और सरकारी दफ्तरों से पानी भरने को मजबूर
  • टैंकर सप्लाई के दावों पर उठे सवाल, लोगों में बढ़ी नाराजगी

भोपाल : Bhopal Water Crisis :  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के निवासी इन दिनों भारी जल संकट से जूझ रहे हैं। शहर की मुख्य कोलार पाइपलाइन में डैमेज होने के कारण पेयजल की सप्लाई पूरी तरह से प्रभावित हो रही है। पिछले चार दिनों से पाइपलाइन डैमेज पड़ी हुई है, जिसके चलते राजधानी के कई इलाकों में पानी की हाहाकार मची हुई है और लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं।

सरकारी दफ्तरों और हैंडपंपों से पानी लाने को मजबूर

पानी की सप्लाई ठप होने के कारण लोग अब पानी के वैकल्पिक स्रोतों पर निर्भर हो गए हैं।  Kolar Pipeline Damage Bhopal राजधानीवासी अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकारी दफ्तरों और हैंडपंपों से पानी लाने को मजबूर हैं। इसके चलते शहर के हैंडपंपों पर पानी भरने के लिए लोगों की लंबी-लंबी लाइनें देखी जा रही हैं। पानी के लिए मची इस मारामारी के बीच जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

नगर निगम ने किया दवा

Bhopal Municipal Corporation Tanker हालाँकि, भोपाल नगर निगम ने दावा किया था कि प्रभावित इलाकों में टैंकरों के माध्यम से पानी की सप्लाई की जाएगी, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। निगम के दावों के विपरीत पर्याप्त मात्रा में टैंकरों से पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है। प्रशासन के ढीले रवैये और पानी की कमी के कारण स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

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