गलत दिशा में वाहन चलाने के विरुद्ध प्राथमिकी केवल गंभीर मामलों में ही: यातायात पुलिस
गलत दिशा में वाहन चलाने के विरुद्ध प्राथमिकी केवल गंभीर मामलों में ही: यातायात पुलिस
(सौम्या शुक्ला)
नयी दिल्ली, सात जनवरी (भाषा) गलत दिशा में वाहन चलाने वाले चालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करना एक व्यापक नीति नहीं होगी, बल्कि ‘चुनिंदा’ मामलों में ही ऐसा किया जाएगा और आपराधिक कार्रवाई को आखिरी उपाय के रूप में अपनाया जाएगा। दिल्ली यातायात पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने कहा कि यातायात पुलिस का मुख्य ध्यान जागरूकता अभियान आयोजित करने और नियमों का उल्लंघन करने पर चालान व नोटिस जारी करने पर रहेगा तथा प्राथमिकी सिर्फ तब दर्ज की जाएगी, जब नियमों के उल्लंघन से जान का खतरा हो या कोई बार-बार नियम तोड़ रहा हो।
अधिकारी ने कहा, ‘‘प्राथमिकी काफी हद तक अपराध की गंभीरता पर निर्भर करेगी और अगर अपराध जानलेवा है या उससे गंभीर दुर्घटना होने की आशंका है, तो आपराधिक कार्रवाई शुरू की जा सकती है।’’ उन्होंने कहा कि बार-बार उल्लंघन होने पर निर्णय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जाएगी।
अधिकारी ने बताया कि पुलिस, प्राथमिकी दर्ज करने से पहले इस बात का भी आकलन करेगी कि क्या उल्लंघन किसी वास्तविक गलती के कारण हुआ था, जैसे कि संकेतक (साइनबोर्ड) की कमी या अस्पष्ट सड़क दिशा-निर्देश।
विशेष पुलिस आयुक्त (यातायात) नीरज ठाकुर ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि इस कदम का उद्देश्य मामूली या सामान्य उल्लंघनों को अपराध की श्रेणी में रखे बिना सड़कों पर लापरवाही भरा व्यवहार रोकना है।
ठाकुर ने कहा, ‘‘प्राथमिकी दर्ज करना हमारा पहला कदम नहीं है। हमारा जोर चालान, नोटिस और जन जागरूकता के माध्यम से नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने पर है। आपराधिक मामले केवल गंभीर स्थिति में ही दर्ज किए जाएंगे, जहां उल्लंघन से जान को खतरा हो, कानून की जानबूझकर अवहेलना की गई हो या बार-बार अपराध करने वाले अपराधी शामिल हों।”
खतरनाक तरीके से वाहन चलाने पर अंकुश लगाने और सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के मकसद से दिसंबर के अंतिम सप्ताह से प्रवर्तन की दिशा में सख्त कार्रवाई शुरू की गई। यह कदम भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 281 (तेज गति से वाहन चलाने) और मोटर वाहन अधिनियम के तहत गलत दिशा में वाहन चलाने के लिए हाल ही में दर्ज की गई प्राथमिकी के बाद उठाया गया है। राष्ट्रीय राजधानी में यह पहली बार हुआ है।
अब तक कम से कम तीन प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि ये अपराध जमानती हैं और आरोपियों को गिरफ्तारी के बाद जमानत पर रिहा कर दिया गया।
भाषा यासिर सुरेश
सुरेश

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