गणेश शोभायात्रा के दौरान टिप्पणी को लेकर पूर्व भाजपा सांसद प्रताप सिम्हा पर मामला दर्ज

Ads

गणेश शोभायात्रा के दौरान टिप्पणी को लेकर पूर्व भाजपा सांसद प्रताप सिम्हा पर मामला दर्ज

  •  
  • Publish Date - September 20, 2026 / 08:58 PM IST,
    Updated On - September 20, 2026 / 08:58 PM IST

मैसूरु, 20 सितंबर (भाषा) टी. नरसीपुरा में एक गणेश प्रतिमा विसर्जन शोभायात्रा के दौरान कथित तौर पर भड़काऊ भाषण देने के मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व संसद सदस्य प्रताप सिम्हा और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।

पुलिस के अनुसार, मामला शनिवार को टी. नरसीपुरा थाने में दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार एक उपनिरीक्षक (पीएसआई) की शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सिम्हा ने शुक्रवार को शहर में निकाली गयी गणेश प्रतिमा शोभायात्रा के दौरान लाउडस्पीकर पर निरीक्षक धनंजय को निशाना बनाते हुए अपमानजनक टिप्पणी की थी।

गणेश प्रतिमा शोभायात्रा और विसर्जन शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा के बीच हुआ था।

पुलिस ने बताया कि प्राथमिकी भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई है। पुलिस ने बताया कि इनमें लोक सेवक को उसके आधिकारिक कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का इस्तेमाल, दंगा, विभिन्न समूहों के बीच घृणा, दुश्मनी या वैमनस्य को बढ़ावा देना और गैरकानूनी जमावड़ा सहित अन्य धाराएं शामिल हैं।

पुलिस ने कहा कि मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

हाल ही में गणेश उत्सव से पहले सार्वजनिक स्थानों पर गणेश प्रतिमाएं स्थापित करने वालों को टी. नरसीपुरा नगर पुलिस निरीक्षक की ओर से कथित तौर पर दी गई चेतावनी को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया था। पुलिस निरीक्षक ने कथित तौर पर शोभायात्रा के दौरान एक मस्जिद के सामने पटाखे नहीं फोड़ने को कहा था, जिसके बाद विपक्षी दलों ने विरोध प्रदर्शन किया था।

प्राथमिकी पर प्रतिक्रिया जताते हुए सिम्हा ने दावा किया कि गृहमंत्री प्रियंक खरगे के दबाव में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। सिम्हा ने कहा कि वह अदालत का रुख करेंगे।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मुझे भी प्राथमिकी के बारे में मीडिया के जरिये ही पता चला। प्राथमिकी क्यों दर्ज की गई है? अगर उकसाने के लिए प्राथमिकी दर्ज की गई है तो उकसा कौन रहा था? वह निरीक्षक था जिसने ऐसा किया। उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए थी। अगर उसे स्थानांतरित कर दिया जाता, निलंबित कर दिया जाता या छुट्टी पर भेज दिया जाता तो मामला वहीं खत्म हो जाता।’’

भाजपा नेता सिम्हा ने आरोप लगाया कि निरीक्षक ने स्थिति को भड़काया और ‘‘हिंदुत्ववादियों’’ के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की। उन्होंने कहा, ‘‘हम पुलिस विभाग का सम्मान करते हैं और यहां मैसूरु में कई अच्छे अधिकारी हैं। फिर ऐसे व्यक्ति को इनमें क्यों रखा गया है? निरीक्षक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए थी और उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम जानते हैं कि गृहमंत्री कौन हैं। उनके दबाव में प्राथमिकी दर्ज की गई है… मेरे खिलाफ 21 प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं और यह 22वीं है। मेरे खिलाफ सभी मामले हिंदुत्व और राष्ट्रवादी मुद्दों से जुड़े हैं… मैं अदालत जाऊंगा और न्याय का अनुरोध करूंगा।’’

सिम्हा ने यह भी कहा कि उनके खिलाफ किसी भ्रष्टाचार या घोटाले के संबंध में मामला दर्ज नहीं किया गया है।

भाषा अमित नरेश

नरेश