कोलकाता, दो अप्रैल (भाषा) कोलकाता में राज्य निर्वाचन कार्यालय के पास गैरकानूनी रूप से इकट्ठा होने और पुलिस के निर्देशों की अवहेलना करने के आरोप में तृणमूल कांग्रेस के दो पार्षदों समेत कई लोगों के खिलाफ बृहस्पतिवार को प्राथमिकी दर्ज की गई। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अधिकारी ने कहा, ‘‘गैरकानूनी रूप से एकत्र होने और पुलिस के निर्देशों का उल्लंघन करने के आरोप में कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।’’
उन्होंने बताया कि शिकायत में वार्ड 36 के पार्षद सचिन सिंह और वार्ड 32 के पार्षद शांति रंजन कुंडू सहित छह प्रमुख व्यक्तियों के नाम शामिल हैं, जबकि कई अन्य लोगों के खिलाफ अज्ञात व्यक्तियों के रूप में मामला दर्ज किया गया है।
स्ट्रैंड रोड पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के बाहर फॉर्म 6 आवेदन जमा करने के विरोध में समूह के कथित तौर पर इकट्ठा होने के दौरान मंगलवार रात यह घटना घटी।
सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस समर्थित बूथ-स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) के एक समूह ने मंगलवार सुबह मतदाता सूची में कथित हेरफेर के खिलाफ सीईओ कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और पुलिस तथा भाजपा कार्यकर्ताओं से उनकी झड़प हुई।
पुलिस के अनुसार, समूह ने बिना अनुमति के निर्वाचन कार्यालय के सामने इकट्ठा होकर निषेधाज्ञा का उल्लंघन किया।
सीईओ कार्यालय ने बुधवार को अपने परिसर के बाहर कथित ‘‘असामाजिक गतिविधि’’ की आशंका जताई, पार्षद के घेराव से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया और कहा कि चुनावी प्रक्रिया को बाधित करने के किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सीईओ कार्यालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘पार्षद बेलेघाटा ने कुछ गुंडों के साथ मिलकर सीईओ कार्यालय का घेराव किया और आधी रात को नारे लगाए। ऐसी असामाजिक गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कानून अपना काम करेगा।’’
भाषा
यासिर पारुल
पारुल