शिमला, दो अप्रैल (भाषा) हिमाचल विधानसभा ने दल-बदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य घोषित किए गए विधायकों को पेंशन से वंचित करने से जुड़े विधेयक को बृहस्पतिवार को मंजूरी दे दी।
मार्च 2024 में विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने छह विधायकों को अयोग्य घोषित किया था।
इस विधेयक के तहत दो विधायकों गागरेट के चैतन्य शर्मा और कुतलेहर के देवेंद्र भुट्टो को पेंशन नहीं मिलेगी।
विधानसभा उपचुनाव में हार का सामना करने वाले रवि ठाकुर और राजिंदर राणा को 14वीं विधानसभा के कार्यकाल के लिए पेंशन नहीं मिलेगी।
दोबारा चुनाव जीतने वाले सुधीर शर्मा और इंदर दत्त लखनपाल पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
कांग्रेस के इन छह विधायकों ने फरवरी 2024 में राज्यसभा चुनाव के दौरान भाजपा उम्मीदवार हर्ष महाजन के पक्ष में ‘क्रॉस वोटिंग’ की थी।
उन्हें कटौती प्रस्ताव और बजट के दौरान कांग्रेस सरकार के पक्ष में वोट देने के लिए व्हिप का पालन न करने के कारण अयोग्य घोषित किया गया था।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को हिमाचल प्रदेश विधानसभा सदस्य भत्ता एवं पेंशन (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया।
सुक्खू ने विधेयक का जोरदार बचाव करते हुए कहा कि यह केवल कांग्रेस के लिए नहीं, बल्कि उन सभी निर्वाचित सदस्यों के लिए लाया गया है जिन्होंने जनादेश का उल्लंघन किया।
भाजपा सदस्यों ने आरोप लगाया कि विधेयक राजनीतिक बदले की भावना से पेश किया गया है।
भाषा जोहेब प्रशांत
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