ठाणे के अस्पताल में चिकित्सकों पर हमले के आरोप में शिवसेना पार्षद के खिलाफ मामला दर्ज

ठाणे के अस्पताल में चिकित्सकों पर हमले के आरोप में शिवसेना पार्षद के खिलाफ मामला दर्ज

ठाणे के अस्पताल में चिकित्सकों पर हमले के आरोप में शिवसेना पार्षद के खिलाफ मामला दर्ज
Modified Date: July 8, 2026 / 11:25 am IST
Published Date: July 8, 2026 11:25 am IST

ठाणे, आठ जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र के ठाणे जिले के एक अस्पताल में नवजात शिशु को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दिए जाने से नाराज होकर शिवसेना के एक पार्षद और उसके साथियों ने कथित तौर पर दो चिकित्सकों के साथ मारपीट की। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी ।

पुलिस ने बताया कि यह घटना सोमवार शाम कल्याण स्थित नगर निगम संचालित अस्पताल में हुई। घटना का वीडियो वहां लगे कैमरे में कैद हो गया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

वीडियो में पार्षद को कथित तौर पर चिकित्सकों को मारते हुए दिखाया गया है।

भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) के विरोध और दबाव के बाद, जिसने तत्काल कार्रवाई नहीं होने पर क्षेत्र के क्लीनिक और अस्पताल बंद करने की चेतावनी दी थी, पुलिस ने मंगलवार रात शिवसेना के पार्षद रमेश सुक्रया म्हात्रे और पांच अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया।

पुलिस के अनुसार, यह घटना कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (केडीएमसी) द्वारा संचालित शास्त्री नगर अस्पताल में हुई।

डॉ. सृष्टि बाविस्कर और डॉ. वैभव सालुंखे ने नवजात शिशु के परिजनों को अस्पताल के नवजात गहन चिकित्सा कक्ष (एनआईसीयू) में जगह की कमी के कारण बच्चे को बेहतर इलाज के लिए किसी अन्य अस्पताल में स्थानांतरित करने की सलाह दी थी।

इस बात से नाराज परिजनों ने पार्षद से संपर्क किया। इसके बाद पार्षद ने अस्पताल पहुंचकर कथित तौर पर चिकित्सकों के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए उनकी पिटाई कर दी। इस घटना में डॉ. वैभव सालुंखे घायल हो गए।

केडीएमसी की चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दीपा शुक्ला ने चिकित्सा कर्मचारियों के साथ सोमवार देर रात पुलिस से संपर्क किया, लेकिन उस समय मामला दर्ज नहीं किया गया।

मंगलवार दोपहर को हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। आम जनता और चिकित्सा संगठनों ने सत्तारूढ़ एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि वह कथित तौर पर पार्षद को बचाने की कोशिश कर रही है।

म्हात्रे और उनके सहयोगियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए, अस्पताल कर्मियों ने मंगलवार को ‘काम रोको’ प्रदर्शन किया। आईएमए कल्याण और डोंबिवली इकाइयों के प्रतिनिधियों और नगर निगम कर्मचारी संघ के नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने केडीएमसी आयुक्त अभिनव गोयल से मुलाकात की।

आईएमए प्रतिनिधियों ने यह भी चेतावनी दी कि यदि प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई, तो वे बुधवार को इस क्षेत्र के सभी निजी क्लीनिक और अस्पताल बंद कर देंगे। उन्होंने पार्षद और उनके समर्थकों की तत्काल गिरफ्तारी की भी मांग की।

पुलिस ने बताया कि इसके बाद पार्षद, उनके चार पुरुष समर्थकों और एक महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 132 (लोक सेवक को कर्तव्य पालन से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का प्रयोग), 121(1) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 351(1) (आपराधिक धमकी), 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना), 189(2) (गैरकानूनी रूप से जमा होना) और 191(2) (दंगा करना) के तहत मामला दर्ज किया गया।

सहायक पुलिस आयुक्त सुहास नेमाड़े ने पत्रकारों को बताया कि घटना की जांच जारी है और अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

भाषा तान्या वैभव

वैभव


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