चुनौतियों के बावजूद ‘वित्तीय संतुलन’ बनाकर रखा जा रहा: कर्नाटक सरकार

चुनौतियों के बावजूद ‘वित्तीय संतुलन’ बनाकर रखा जा रहा: कर्नाटक सरकार

चुनौतियों के बावजूद ‘वित्तीय संतुलन’ बनाकर रखा जा रहा: कर्नाटक सरकार
Modified Date: March 23, 2026 / 07:14 pm IST
Published Date: March 23, 2026 7:14 pm IST

बेंगलुरु, 23 मार्च (भाषा) कर्नाटक सरकार ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि वह भविष्य की चुनौतियों के प्रति सचेत है और ‘‘वित्तीय संतुलन’’ बनाकर रख रही है।

वहीं, राज्य में मुख्य विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने हिमाचल प्रदेश जैसे संकट की चेतावनी दी, जहां वित्तीय संकट के बीच मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों और वरिष्ठ अधिकारियों के वेतन भुगतान को स्थगित कर दिया गया है।

राजस्व मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने सब्सिडी में भारी वृद्धि को लेकर भाजपा की चेतावनी का जवाब देते हुए इस तरह की रियायत और ‘गारंटी’ योजनाओं में व्यय के मुद्दे पर सरकार का बचाव किया।

गौड़ा ने बजट पर चर्चा के दौरान हस्तक्षेप करते हुए कहा, ‘‘राज्य की आर्थिक गतिविधि को दर्शाने वाले जीएसटी संग्रह के मामले में, देश में, 11 प्रतिशत के आंकड़े के साथ कर्नाटक में सर्वाधिक वृद्धि दर है, जो महाराष्ट्र और गुजरात से भी अधिक है।’’

मंत्री ने दावा किया कि इसके अलावा, भारत में सबसे अधिक प्रति व्यक्ति आय (पीसीआई) कर्नाटक में है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं यह नहीं कह रहा हूं कि हर किसी की आय इतनी ही है। लेकिन वैश्विक स्तर पर, पीसीआई अर्थव्यवस्था का एक सूचक है। सटीक समीकरण या प्रतिबिंब के अभाव में, हम पीसीआई का उपयोग करते हैं।’’

गौड़ा ने दावा किया कि जीएसटी दर के युक्तीकरण के कारण सभी राज्यों के राजस्व में गिरावट आने के बावजूद, कर्नाटक की अर्थव्यवस्था ने अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है।

मंत्री ने कहा, ‘‘ये कुछ उदाहरण हैं जो राज्य की अर्थव्यवस्था की मजबूती को इंगित करते हैं और दिखाते हैं कि यह अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम भविष्य की चुनौतियों से अवगत हैं, लेकिन हम कर्नाटक के वित्तीय संतुलन को भी बनाए रख रहे हैं।’’

इससे पहले, भाजपा विधायक सुनील कुमार ने दावा किया था कि राज्य के कुल बजट का 14 प्रतिशत सब्सिडी योजनाओं में जा रहा है। उन्होंने दलगत मतभेदों के बावजूद सभी से इस बारे में सोचने का आग्रह किया।

उन्होंने सरकार पर राज्य को ‘सब्सिडी संस्कृति’ की ओर धकेलने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘जैसा कि मुख्यमंत्री ने बजट में कहा है, गारंटी योजनाओं पर एक लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं। हमने देखा है कि उच्चतम न्यायालय ने मुफ्त उपहार की योजनाओं पर क्या कहा है… सरकार के अपने सर्वेक्षण के अनुसार, 14 प्रतिशत पैसा सब्सिडी योजनाओं में जा रहा है। हम सभी को इसके दीर्घकालिक परिणामों के बारे में सोचना चाहिए।’’

भाजपा विधायक एस सुरेश कुमार ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि कांग्रेस शासित हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने, मंत्रियों, विधायकों और वरिष्ठ अधिकारियों के वेतन के एक हिस्से के भुगतान को अस्थायी रूप से रोकने की घोषणा की है।

कुमार ने कहा, ‘‘मैंने अखबार में पढ़ा कि हिमाचल प्रदेश में गारंटी और सब्सिडी के बोझ के कारण ऐसा किया गया है।’’ उन्होंने कहा कि उत्तरी राज्य में मुख्यमंत्री के वेतन का 50 प्रतिशत, उपमुख्यमंत्री, मंत्रिमंडल के मंत्रियों और शीर्ष नौकरशाहों के वेतन का 30 प्रतिशत तथा विधायकों के वेतन के 20 प्रतिशत हिस्से का भुगतान अगले छह महीनों के लिए स्थगित किया जाएगा।

भाषा धीरज नेत्रपाल

नेत्रपाल


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