गंगा में गत 11 सालों में मछलियों की विविधता करीब 61 प्रतिशत की वृद्धि : अध्ययन

गंगा में गत 11 सालों में मछलियों की विविधता करीब 61 प्रतिशत की वृद्धि : अध्ययन

गंगा में गत 11 सालों में मछलियों की विविधता करीब 61 प्रतिशत की वृद्धि : अध्ययन
Modified Date: January 15, 2026 / 10:07 pm IST
Published Date: January 15, 2026 10:07 pm IST

कोलकाता, 15 जनवरी (भाषा) गंगा नदी में गत 11सालों में मछलियों की प्रजातियों में विविधता में करीब 61 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह खुलासा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के केंद्रीय अंतरस्थलीय मत्स्यिकी अनुसंधान संस्थान (सीआईएफआरआई) के अध्ययन में हुआ है।

अध्ययन में कहा गया है कि यह सरकार के नेतृत्व में किए गए प्रयासों के तहत निरंतर पारिस्थितिक सुधार को दर्शाती है।

अनुसंधान के मुताबिक नदी में लगभग पांच दशकों में मछलियों की सबसे अधिक विविधता दर्ज की गई है। वैज्ञानिकों ने इसके विभिन्न हिस्सों में 230 मछली प्रजातियों का दस्तावेजीकरण किया है।

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सीआईएफआरआई के निदेशक बीके दास ने कहा,‘‘यह कई वर्षों से चल रही नमामि गंगा सहित कई पुनरुद्धार योजनाओं का परिणाम है।’’ उन्होंने बताया कि मछली की प्रजातियों की संख्या 2012 में 143 से बढ़कर 2023 में 230 हो गई, जो 60.83 प्रतिशत की वृद्धि है। इसके अलावा, 2023 में किए गए नवीनतम सर्वेक्षण में प्रजातियों की संख्या 230 दर्ज की गई, जो आधी सदी से भी अधिक समय में सबसे अधिक विविधता है।

ऐतिहासिक अभिलेखों के मुताबिक 1822 में नदी में मछली की 271 प्रजातियां पाई जाती थीं, लेकिन प्रदूषण, पर्यावास के क्षरण और अत्यधिक दोहन के कारण समय के साथ यह विविधता लगातार कम होती गई।

भाषा धीरज पवनेश

पवनेश


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