मस्जिद के निकट अतिक्रमण रोधी अभियान के दौरान हुई झड़प में पांच पुलिसकर्मी घायल, नाबालिग समेत पांच पकड़े गये

मस्जिद के निकट अतिक्रमण रोधी अभियान के दौरान हुई झड़प में पांच पुलिसकर्मी घायल, नाबालिग समेत पांच पकड़े गये

मस्जिद के निकट अतिक्रमण रोधी अभियान के दौरान हुई झड़प में पांच पुलिसकर्मी घायल, नाबालिग समेत पांच पकड़े गये
Modified Date: January 7, 2026 / 03:47 pm IST
Published Date: January 7, 2026 3:47 pm IST

(तस्वीरों सहित)

नयी दिल्ली, सात जनवरी (भाषा) दिल्ली के रामलीला मैदान इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के निकट बुधवार तड़के अतिक्रमण रोधी अभियान के दौरान कुछ लोगों ने पथराव किया जिसमें पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए।

पुलिस ने मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात को भड़के विरोध प्रदर्शन को काबू में करने के लिए हल्के बल और आंसू गैस का इस्तेमाल किया और एक नाबालिग सहित पांच लोगों को हिरासत में लिया।

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पुलिस सूत्रों के अनुसार सोशल मीडिया पर एक पोस्ट सामने आया जिसमें दावा किया गया कि अतिक्रमण रोधी अभियान के दौरान मस्जिद को ध्वस्त किया जा रहा है और इसके बाद हंगामा मच गया।

सूत्रों ने बताया कि इसके तुरंत बाद काफी लोग वहां एकत्र हो गये और कुछ लोगों ने पुलिस और एमसीडी के कर्मचारियों पर पथराव किया और कांच की बोतलें फेंकीं।

दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के अधिकारी मस्जिद से सटी और कब्रिस्तान के निकट स्थित जमीन पर अतिक्रमण हटाने का अभियान संचालित कर रहे थे।

एमसीडी के उपायुक्त विवेक कुमार ने स्पष्ट किया कि अभियान के दौरान एक निदान केंद्र और ‘बैंक्वेट हॉल’ समेत कुछ व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को ध्वस्त कर दिया गया लेकिन मस्जिद को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया।

पुलिस ने बताया कि अभियान के दौरान लगभग 100-150 लोग घटनास्थल पर एकत्र हो गए थे। हालांकि उनमें से ज्यादातर समझाने-बुझाने के बाद वहां से हट गए, लेकिन कुछ लोगों ने हंगामा किया और पथराव किया जिसमें पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए।

पुलिस ने बताया कि वह इस बात की जांच कर रही है कि हिंसा अचानक हुई थी या यह अभियान को बाधित करने की कोई पूर्व नियोजित साजिश थी।

दिल्ली पुलिस ने एक बयान में कहा कि भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया गया, जिसके बाद स्थिति नियंत्रण में आई और सामान्य स्थिति बहाल हो सकी।

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (मध्य) निधिन वलसन ने कहा कि एमसीडी को छह और सात जनवरी की दरमियानी रात को अतिक्रमण अभियान को अंजाम देना था, जिसके मद्देनजर पुलिसकर्मियों को उन स्थानों पर तैनात किया गया था।

उन्होंने बताया कि समझाने-बुझाने के बाद ज्यादातर लोग तितर-बितर हो गए। हालांकि, कुछ लोगों ने हंगामा करने की कोशिश की और पथराव किया जिसमें पांच पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें आईं और उन्हें चिकित्सा उपचार दिया गया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, ‘‘जिन वीडियो के कारण विवाद पैदा हुआ उनमें से एक को कथित तौर पर खालिद मलिक नामक व्यक्ति ने रिकॉर्ड किया था, जिसमें लोगों से बड़ी संख्या में अपने घरों से बाहर निकलने का आग्रह किया गया। अफवाहें फैलाई गईं कि एक मस्जिद को गिराने के लिए बुलडोजर तैनात किए गए हैं, जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया।’’

इस मामले में हिरासत में लिये पांच लोगों की पहचान मोहम्मद आरिब (25), मोहम्मद कैफ (23), मोहम्मद काशिफ (25), मोहम्मद हामिद (30) और एक नाबालिग के रूप में हुई है। इसके अलावा दस से 15 लोगों को पकड़ा गया है।

पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो का विश्लेषण करके अन्य दोषियों की पहचान की जा रही है।

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त ने बताया कि अदालत ने फैज़-ए-इलाही मस्जिद के पास स्थित एक ‘बैंक्वेट हॉल’ और एक औषधालय को अतिक्रमण घोषित किया था और इन्हें ही ढहाया जाना था।

एसीपी ने कहा कि सूचना मिलते ही पुलिस ने स्थानीय निवासियों से संपर्क किया और उन्हें बताया कि यह तोड़फोड़ कानूनी कार्रवाई है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने इलाके के लोगों को विश्वास में लिया और उसे लोगों का सहयोग भी मिला।

भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 221 (लोक सेवक को लोक कार्यों के निर्वहन में बाधा डालना), 132 (लोक सेवक को उसके कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का प्रयोग), 121 (लोक सेवक को उसके कर्तव्य से रोकने के लिए स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 191 (दंगा), 223 (ए) (लोक सेवक द्वारा विधिवत रूप से जारी आदेश की अवज्ञा) और 3(5) (संयुक्त दायित्व) तथा लोक संपत्ति को क्षति पहुंचाने से रोकने वाले अधिनियम, 1984 के प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

कुमार ने कहा कि अभियान के दौरान लगभग 36,000 वर्ग फुट अतिक्रमित क्षेत्र को खाली कराया गया।

कुमार ने बताया कि खाली कराए गए क्षेत्र में एक निदान केंद्र, एक बैंक्वेट और दो दोमंजिला चारदीवारी शामिल थीं। उन्होंने बताया कि ढहाने का काम पूरी रात जारी रहा।

कुमार ने स्पष्ट किया कि इस अभियान के दौरान मस्जिद को कोई क्षति नहीं पहुंची।

इस बीच, संयुक्त पुलिस आयुक्त (सेंट्रल रेंज) मधुर वर्मा ने एक बयान में कहा, ‘‘, ‘‘पूरे क्षेत्र को सावधानीपूर्वक नौ क्षेत्रों में विभाजित किया गया था, जिनमें से प्रत्येक को अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त रैंक के एक अधिकारी की निगरानी में रखा गया था। सभी संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती की गई थी।’’

उन्होंने कहा कि अतिक्रमण रोधी अभियान से पहले, शांति बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के उद्देश्य से अमन समिति के सदस्यों और अन्य स्थानीय हितधारकों के साथ कई समन्वय बैठकें आयोजित की गईं। उन्होंने कहा कि सभी संभव निवारक और विश्वास-बहाली कदम उठाए गए।

उन्होंने कहा, ‘‘अभियान के दौरान, कुछ उपद्रवियों ने पथराव करके अशांति फैलाने का प्रयास किया। संयमित और न्यूनतम बल प्रयोग के माध्यम से स्थिति को तुरंत नियंत्रण में लाया गया, जिससे बिना किसी तनाव के सामान्य स्थिति बहाल हो गई।’’

संयुक्त पुलिस आयुक्त वर्मा ने बयान में कहा कि दिल्ली पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित करेगी कि सभी न्यायिक निर्देशों का पालन विधिवत, पेशेवर और संवेदनशील तरीके से किया जाए।

दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने बुधवार को कहा कि तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के निकट अतिक्रमण हटाने के दौरान पथराव की घटना ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण’’ थी। उन्होंने चेतावनी दी कि हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सूद ने कहा कि मस्जिद के आसपास कुछ व्यावसायिक प्रतिष्ठान अवैध रूप से बनाए गए थे, जिनके खिलाफ अदालत के निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने कहा, ‘कानून के दायरे में किए जा रहे काम में बाधा डालना या उसे बाधित करना पूरी तरह से अस्वीकार्य है।’

उन्होंने कहा कि ‘‘मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि फ़ैज-ए-इलाही मस्जिद पूरी तरह सुरक्षित है। यह कार्रवाई केवल उन अवैध व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक सीमित है जो न्यायालय के आदेशों के दायरे में आते हैं। इस मामले में सरकार की ओर से कोई मनमानी या दुर्भावनापूर्ण इरादा नहीं है।’’

मंत्री ने जनता से किसी भी प्रकार के उकसावे में न आने की अपील की।

भाषा शोभना देवेंद्र

देवेंद्र


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