उत्तराखंड में वासुकीताल ट्रेक पर लापता माने जा रहे पांच ट्रेकर्स से संपर्क हुआ, सभी सुरक्षित

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उत्तराखंड में वासुकीताल ट्रेक पर लापता माने जा रहे पांच ट्रेकर्स से संपर्क हुआ, सभी सुरक्षित

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  • Publish Date - September 30, 2026 / 02:31 PM IST,
    Updated On - September 30, 2026 / 02:31 PM IST

देहरादून, 30 सितंबर (भाषा) उत्तराखंड में रुदप्रयाग जिले के उच्च हिमालयी क्षेत्र में केदारनाथ—वासुकीताल ट्रेक पर लापता माने जा रहे एक ट्रेकिंग दल के पांचों सदस्यों से संपर्क हो गया है और वे सभी सुरक्षित हैं । अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी

रुद्रप्रयाग के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि दल में शामिल ट्रेकर प्रवेश चौहान के भाई यशवंत चौहान ने रुद्रप्रयाग जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को दोपहर में ट्रेकर्स से संपर्क होने के बारे में सूचना दी है ।

चौहान के हवाले से रजवार ने बताया कि दल में शामिल सभी ट्रेकरों से उनका संपर्क हो गया है और वे सभी सुरक्षित हैं । यह भी बताया गया कि वे टिहरी जिले में गंगी—घुत्तू की ओर से ट्रेक पर आगे बढ़ रहे हैं ।

इस दल में 40 वीं वाहिनी पीएसी हरिद्वार के अमित फर्सवाण, 40 वीं वाहिनी पीएसी रुद्रप्रयाग के नवीन रावत, वन विभाग के उत्तरकाशी जिले में तैनात फॉरेस्टर प्रवेश चौहान, केदारनाथ में पशुपालन विभाग के संजय सिंह रावत और रुद्रप्रयाग के विवेक शामिल हैं ।

इससे पहले, यशवंत चौहान की ओर से मंगलवार अपराहन रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन को दल से संपर्क नहीं होने की सूचना दी गयी थी जिसके बाद विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से उनकी तलाश शुरू की गयी ।

रजवार ने बताया कि सूचना मिलने के बाद एक हेलीकॉप्टर के माध्यम से दल को ढूंढने का प्रयास किया गया लेकिन उनका पता नहीं चला । उन्होंने बताया कि दल की तलाश के लिए एक पैदल टीम भी रवाना की गयी ।

उन्होंने बताया कि 25 सितंबर को यह दल रवाना हुआ था और इसकी योजना ऑडेन कोल होते हुए गंगोत्री तक जाने की थी । रजवार के मुताबिक, अमूमन इस ट्रेक को पूरा कर लौटने में 10—12 दिन का समय लगता है लेकिन संपर्क नहीं हो पाने के कारण उनकी खोज शुरू की गयी थी ।

प्रदेश में 26 और 27 सितंबर को निचले इलाकों में भारी बारिश तथा उंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी दर्ज की गयी थी जिसके लिए मौसम विभाग द्वारा पहले से ही चेतावनी जारी की गयी थी । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उस दौरान अधिकारियों को 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश देते हुए लोगों से भी अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की थी ।

इस संबंध में पूछे जाने पर रजवार ने स्पष्ट किया कि दल ने ट्रेक पर रवाना होने से पहले आवश्यक अनुमति नहीं ली थी अन्यथा उस दिन उन्हें जाने से रोका जाता ।

गौरतलब है कि इस दौरान बर्फबारी होने से प्रदेश के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में कालिंदी खाल, ऑडेन कोल तथा वासुकीताल सहित विभिन्न ट्रेकों पर फंस गए 67 ट्रेकर्स को दो दिन तक चले बचाव अभियान में हेलीकॉप्टर के माध्यम से सुरक्षित निकाला गया था ।

भाषा दीप्ति मनीषा

मनीषा