जयपुर, 30 सितंबर (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर में 33 प्रतिशत बारिश की कमी पर बुधवार को चिंता जताते हुए राज्य सरकार से सूखे की आशंका वाले क्षेत्रों में पेयजल, चारे और पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था को लेकर आकस्मिक योजना तैयार करने की मांग की।
गहलोत ने कहा कि जोधपुर में बारिश की कमी गंभीर चुनौती है और सरकार को ‘विकसित भारत – जी राम जी’ योजना के तहत श्रमिकों को अधिकतम रोजगार तथा राहत उपलब्ध करानी चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘जोधपुर और सूखे से प्रभावित होने की आशंका वाले अन्य सभी क्षेत्रों के गांवों और ढाणियों में पेयजल, चारे तथा पशुओं के लिए पानी उपलब्ध कराने के लिए आकस्मिक योजना तैयार की जानी चाहिए।’’
कांग्रेस नेता ने कहा कि कम बारिश और सूखे की स्थिति में महंगाई, जमाखोरी और पलायन जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं तथा गरीब श्रमिकों, किसानों और पशुपालकों पर इसका सबसे अधिक असर पड़ सकता है।
गहलोत ने कहा, ‘‘हमें अभी से ऐसी योजना बनानी होगी, जिससे किसी पशुपालक, किसान या मजदूर को परेशानी का सामना न करना पड़े।’’
गहलोत ने आरोप लगाया कि यह आश्चर्यजनक है कि इतनी गंभीर स्थिति के बावजूद भाजपा सरकार ने अभी तक सूखे से निपटने के लिए व्यवस्थाएं शुरू नहीं की हैं।
भाषा बाकोलिया शफीक
शफीक