ओडिशा में बाढ़ की स्थिति गंभीर, सुवर्णरेखा नदी के पानी में बालासोर के 100 और गांव जलमग्न

ओडिशा में बाढ़ की स्थिति गंभीर, सुवर्णरेखा नदी के पानी में बालासोर के 100 और गांव जलमग्न

ओडिशा में बाढ़ की स्थिति गंभीर, सुवर्णरेखा नदी के पानी में बालासोर के 100 और गांव जलमग्न
Modified Date: September 2, 2026 / 02:39 pm IST
Published Date: September 2, 2026 2:39 pm IST

भुवनेश्वर/बालासोर, दो सितंबर (भाषा) ओडिशा में बाढ़ की स्थिति बुधवार को भी गंभीर बनी रही और उफनाई सुवर्णरेखा नदी ने बालासोर जिले के 100 और गांवों को जलमग्न कर दिया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि पड़ोसी झारखंड के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में निम्न दबाव के कारण हुई भारी बारिश से बाढ़ की स्थिति और बिगड़ गई है, जिसके बाद राज्य सरकार ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है।

अधिकारियों के मुताबिक, मंगलवार को बुधबलंगा और ब्राह्मणी नदियों में आई बाढ़ से मयूरभंज और जाजपुर जिलों के कुल 146 गांव तथा बारीपदा शहर प्रभावित हुए थे।

झारखंड के गालूडीह बैराज के 13 फाटकों से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के बाद सुवर्णरेखा का जलस्तर बढ़ गया। बुधवार सुबह नौ बजे राजघाट में नदी का जलस्तर 11.54 मीटर दर्ज किया गया, जबकि यहां खतरे का निशान 10.36 मीटर है।

अधिकारियों ने बताया कि इस साल सुवर्णरेखा में तीसरी बार बाढ़ आई है। इसके कारण बालियापाल, जलेश्वर और भोगराई प्रखंडों के गांव जलमग्न हो गए हैं और कई इलाकों का संपर्क भी टूट गया है।

उन्होंने बताया कि बालासोर जिले के प्रभावित इलाकों में सड़क संपर्क भी बाधित हो गया है। हालांकि, मंगलवार रात बालासोर जिले के रेमुना और सदर प्रखंडों के कुछ इलाकों में बाढ़ लाने वाली बुधबलंगा नदी का जलस्तर बुधवार सुबह घटने लगा।

मयूरभंज जिले में भी बुधबलंगा नदी का जलस्तर कम होने से बाढ़ की स्थिति में सुधार के संकेत मिले हैं। अधिकारियों के अनुसार, राहत शिविरों में शरण लेने वाले करीब 5,000 लोगों में से कई बुधवार सुबह अपने गांव लौटने लगे।

जाजपुर में स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं आया है क्योंकि ब्राह्मणी नदी का जलस्तर स्थिर बना हुआ है। जाजपुर जिले के 62 गांव अब भी जलमग्न हैं। जलभराव और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने बुधवार को एक दिन के लिए स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने की घोषणा की।

अधिकारियों ने बताया कि जिले के दशरथपुर, बारी और बिंझारपुर प्रखंडों के निचले इलाकों में पानी भर गया है। दशरथपुर में जुलाई के पहले सप्ताह से अब तक करीब 57 दिनों से बाढ़ का असर बना हुआ है।

भद्रक जिले के अखुआपाड़ा में बैतरणी नदी 18.20 मीटर के जलस्तर पर बह रही थी, जो खतरे के निशान (18.33 मीटर) से थोड़ा ही नीचे है। अधिकारियों ने बताया कि भद्रक के भंडारीपोखरी, धामनगर, चांदबली और तिहिडी प्रखंडों में भी फिर से बाढ़ आने की आशंका है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के नवीनतम बुलेटिन के अनुसार, पश्चिम बंगाल और उससे सटे झारखंड के ऊपर बने स्पष्ट निम्न दबाव के क्षेत्र के दायरे में बुधवार सुबह साढ़े पांच बजे तक पश्चिमी झारखंड और आसपास के इलाके भी आ गए।

इसके अगले 24 घंटे में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में दक्षिणी उत्तर प्रदेश और उत्तरी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ने की संभावना है। इसके प्रभाव से बुधवार को ओडिशा के ज्यादातर स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है।

मयूरभंज जिले के तिरिंग में बुधवार सुबह साढ़े आठ बजे तक सर्वाधिक 42.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

भाषा मनीषा संतोष

संतोष


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