नयी दिल्ली, तीन मार्च (भाषा) ग्रैमी पुरस्कार विजेता बांसुरी वादक राकेश चौरसिया एवं ‘राकेश एंड फ्रेंड्स’ के नाम से प्रसिद्घ उनका ‘ग्रुप’ ‘सांग्स ऑफ द स्टोन’ नामक संगीत श्रृंखला के तहत आठ मार्च को कुतुब मीनार में एक संगीतमय प्रस्तुति देंगे।
विरासत, संगीत और समकालीन सांस्कृतिक प्रस्तुति को एक साथ लाते हुए ‘इंकपॉट इंडिया’ की यह गहन सांस्कृतिक श्रृंखला यूनेस्को विश्व धरोहर स्मारक को ध्वनि और कहानी के एक जीवंत मंच में बदलने का प्रयास करेगी।
‘इंकपॉट इंडिया’ की संस्थापक सिमर मल्होत्रा ने एक बयान में कहा, ‘‘भारत के पास संस्कृति, परंपरा और विरासत का असाधारण खजाना है, लेकिन फिर भी हमारे वैश्विक जीवन में इसका बड़ा हिस्सा चुपचाप नजरअंदाज हो जाता है। सुंदरता के इतने करीब रहते हुए, हम कभी-कभी उसे देखना बंद कर देते हैं; परिचित हो जाने से आश्चर्य का भाव कम हो जाता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘‘सांग्स ऑफ द स्टोन’ मेरी इस इच्छा से प्रेरित है कि इन स्थानों और सांस्कृतिक प्रथाओं को भावनात्मक रूप से फिर से प्रासंगिक बनाया जाए और खास कर युवा दर्शकों को इसमें शामिल किया जाए।’’
चौरसिया अपने गुरु एवं चाचा पंडित हरिप्रसाद चौरसिया की विरासत को आगे बढ़ाते हुए बांसुरी को नए वैश्विक और समकालीन ध्वनि परिदृश्यों में ले जा रहे हैं।
चौरसिया के साथ ड्रम पर गिनो बैंक्स, तबला पर सत्यजीत तलवलकर, बेस गिटार पर शेल्डन डी’सिल्वा, गिटार पर संजय दास और गायन और कीबोर्ड पर संगीत हल्दीपूर होंगे।
भाषा यासिर रंजन
रंजन