कोहिमा, 26 मार्च (भाषा) नगालैंड के उपमुख्यमंत्री यानथुंगो पैटॉन ने पूर्वी जिलों के लिए एक अंतरिम प्रशासनिक निकाय ‘फ्रंटियर नगालैंड टेरिटोरियल अथॉरिटी’ (एफएनटीए) की स्थापना के लिए विधानसभा में बृहस्पतिवार को एक विधेयक पेश किया।
हालांकि इसके प्रावधानों के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष शेरिंगैन लोंगकुमेर ने कहा कि विधेयक पर विचार और इसे पारित करने का कार्य शुक्रवार को किया जाएगा।
मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने राज्य का बजट पेश करने के दौरान एफएनटीए की स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन (एमओए) पर हस्ताक्षर के बाद पूर्वी जिलों के लोगों को बधाई दी।
उन्होंने इस ऐतिहासिक समझौते को संभव बनाने के लिए केंद्र सरकार और राज्य के सभी हितधारकों का ‘गहरा आभार’ भी व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार एफएनटीए के अंतरिम निकाय के गठन की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए पूरी लगन से काम कर रही है और इसीलिए विधेयक पेश किया गया है।
उन्होंने एफएनटीए के लिए 100.57 करोड़ रुपये के अनुदान की घोषणा की, जिसे उन्होंने राज्य में विकास कोष से सभी जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए जरूरत के अनुसार आवंटन बताया।
भारत सरकार, राज्य सरकार और ‘ईस्टर्न नगालैंड पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन’ (ईएनपीओ) के बीच पांच फरवरी को एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद एफएनटीए के गठन का मार्ग प्रशस्त हुआ।
उन्होंने बताया कि राज्य बजट में देरी के कारण विधेयक पेश करने में थोड़ी देरी हुई।
रियो ने कहा, ‘‘समझौते के अनुसार, हमें केंद्र सरकार से परामर्श करना आवश्यक है। हमने परामर्श के लिए केंद्रीय गृह सचिव को पत्र लिखा है।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधेयक राज्य के विधि एवं न्याय विभाग द्वारा तैयार किया गया था जिसमें समझौता ज्ञापन के प्रावधानों को शामिल किया गया था तथा इसे महाधिवक्ता की सलाह के आधार पर अंतिम रूप दिया गया।
उन्होंने कहा, “हमने ईएनपीओ को आश्वासन दिया था कि हम विधेयक प्रस्तुत करेंगे और मौजूदा सत्र में इसे पारित कराने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। तदनुसार, उपमुख्यमंत्री पैटॉन द्वारा विधेयक सदन में पेश किया गया है और कल इस पर चर्चा तथा इसे पारित करने के लिए विचार किया जाएगा।”
भाषा यासिर नरेश
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