आतंकवाद से मुक्त एससीओ क्षेत्र के भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने पर ध्यान: मोदी

आतंकवाद से मुक्त एससीओ क्षेत्र के भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने पर ध्यान: मोदी

आतंकवाद से मुक्त एससीओ क्षेत्र के भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने पर ध्यान: मोदी
Modified Date: August 29, 2026 / 09:49 am IST
Published Date: August 29, 2026 9:49 am IST

नयी दिल्ली, 29 अगस्त (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि वह शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के लिए भारत के उस दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं, जो सुरक्षा, संपर्क और अवसर पर आधारित है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वह क्षेत्र को आतंकवाद के अभिशाप से मुक्त बनाने के लिए संगठन के सदस्य देशों के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं।

मोदी ने 29 अगस्त से एक सितंबर तक उज्बेकिस्तान और किर्गिज गणराज्य की अपनी दो देशों की यात्रा से पहले कहा कि उन्हें विश्वास है कि उनकी यह यात्रा मध्य एशिया के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करेगी तथा इस क्षेत्र के साथ भारत के सभ्यतागत संबंधों को और गहरा करेगी।

मोदी ने अपनी यात्रा से पहले जारी बयान में कहा कि यह दौरा शांति, स्थिरता और समृद्धि के साझा लक्ष्य को आगे बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि ये ऐसे मूल्य हैं, जो दुनिया के साथ भारत के संबंधों के केंद्र में रहे हैं।

मोदी ने कहा, “भारत 2017 से एससीओ का सक्रिय और रचनात्मक सदस्य रहा है। मैं सुरक्षा, संपर्क और अवसर पर आधारित क्षेत्र के लिए भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने तथा सदस्य देशों के साथ मिलकर ऐसे क्षेत्र के निर्माण के लिए काम करने को उत्सुक हूं, जो आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद के अभिशाप से मुक्त हो। ये चुनौतियां हमारे पड़ोस के साथ-साथ दुनिया के अन्य हिस्सों में भी शांति और स्थिरता के लिए लगातार खतरा बनी हुई हैं।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के निमंत्रण पर वह 29 और 30 अगस्त को यात्रा पर ताशकंद जाएंगे।

उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में भारत-उज्बेकिस्तान रणनीतिक साझेदारी में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

मोदी ने कहा, “मैं राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ व्यापार और निवेश, डिजिटल संपर्क, रक्षा तथा ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने तथा ‘विकसित भारत’ और ‘नया उज्बेकिस्तान’ के हमारे साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के उपायों पर चर्चा के लिए उत्सुक हूं।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि वह ताशकंद में शास्त्री स्मारक और ‘ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ऑरिएनटल स्टडी’ स्थित महात्मा गांधी केंद्र का भी दौरा करेंगे। उन्होंने कहा कि ये दोनों देशों के बीच कायम घनिष्ठ सांस्कृतिक और लोगों से लोगों के संबंधों के प्रति सम्मान के प्रतीक हैं।

ताशकंद से प्रधानमंत्री किर्गिज गणराज्य के राष्ट्रपति सदिर जापारोव के निमंत्रण पर बिश्केक जाएंगे, जहां वह एससीओ के 26वें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। यह सम्मेलन इस महत्वपूर्ण संगठन की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हो रहा है।

मोदी ने कहा, “मैं राष्ट्रपति जापारोव और एससीओ के अन्य नेताओं से मिलने तथा छठे ‘वर्ल्ड नोमैड गेम्स’ के उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए भी उत्सुक हूं। यह समारोह मध्य एशिया की समृद्ध जीवंत विरासत का उत्सव है, जिसका भारत बेहद सम्मान करता है।”

अधिकारियों ने बताया कि मोदी एससीओ शिखर सम्मेलन को संबोधित करेंगे और इसमें सुरक्षा, संपर्क तथा अवसर से जुड़ी भारत की प्राथमिकताओं को रेखांकित करेंगे।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री शिखर सम्मेलन से इतर एससीओ के सदस्य देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे।

भाषा खारी रंजन

रंजन


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