न्यायालय के आदेश के बाद कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने एसआईआर बैठक की

न्यायालय के आदेश के बाद कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने एसआईआर बैठक की

न्यायालय के आदेश के बाद कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने एसआईआर बैठक की
Modified Date: February 21, 2026 / 08:28 pm IST
Published Date: February 21, 2026 8:28 pm IST

कोलकाता, 21 फरवरी (भाषा) कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने पश्चिम बंगाल की विभिन्न अदालतों में तैनात सभी न्यायिक अधिकारियों की छुट्टियां नौ मार्च तक रद्द करने का शनिवार को आदेश दिया।

मुख्य न्यायाधीश ने ऐसा राज्य में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को पूरा करने के लिए उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए किया।

उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल ने उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार, केंद्र और राज्य सरकारों के विभिन्न शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की।

उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी एक अधिसूचना में कहा गया है कि चिकित्सा आपातकाल को छोड़कर, किसी भी न्यायिक अधिकारी को पहले दी गई सभी छुट्टियां 9 मार्च तक रद्द कर दी गई हैं और जो लोग पहले से ही छुट्टी पर हैं, उन्हें 23 फरवरी तक अपने-अपने अदालतों और कार्यालयों में वापस आने का निर्देश दिया गया है।

शनिवार अपराह्न में उच्च न्यायालय परिसर में मुख्य न्यायाधीश की उच्च स्तरीय बैठक में पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी, राज्य के मुख्य सचिव, गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), एडवोकेट जनरल, केंद्र का प्रतिनिधित्व करने वाले अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल और रजिस्ट्रार जनरल उपस्थित थे।

अधिसूचना में कहा गया है कि मुख्य न्यायाधीश ने निर्देश दिया है कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश/मुख्य न्यायाधीश, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पदों पर तैनात सभी न्यायिक अधिकारियों के साथ-साथ प्रतिनियुक्ति पर तैनात अधिकारियों को 9 मार्च तक तत्काल प्रभाव से किसी भी प्रकार की छुट्टी लेने से मना किया जाता है।

इसमें कहा गया है कि इसके अतिरिक्त, विशेष/सीबीआई अदालतों, वाणिज्यिक अदालतों, सांसदों और विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालत, पॉक्सो अदालतों, शहर की दिवानी अदालत और शहर की सत्र अदालत और त्वरित सुनवाई अदालतों में तैनात न्यायिक अधिकारियों को भी इस अवधि के दौरान चिकित्सा आपात स्थिति को छोड़कर किसी भी प्रकार की छुट्टी लेने से मना किया गया है।

अधिसूचना में कहा गया है कि उक्त रैंक के सभी न्यायिक अधिकारी, जिनका तबादला कर दिया गया है और जिन्होंने इस बीच अपने अदालत और कार्यालय का कार्यभार सौंप दिया है, उन्हें 23 फरवरी से वर्तमान पदस्थापना से मुक्त माना जाएगा और वे ट्रांजिट अवकाश लिए बिना 24 फरवरी तक अपने-अपने नए कार्यभार ग्रहण कर लेंगे।

उच्चतम न्यायालय ने पश्चिम बंगाल सरकार और निर्वाचन आयोग के बीच जारी गतिरोध को लेकर अप्रसन्नता जताते हुए राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में निर्वाचन आयोग की सहायता के लिए सेवारत और पूर्व जिला न्यायाधीशों को तैनात करने का शुक्रवार को ‘‘असाधारण’’ निर्देश दिया।

उच्चतम न्यायालय ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल से पश्चिम बंगाल में एसआईआर के काम में सहायता के लिए कुछ न्यायिक अधिकारियों को मुक्त करने और पूर्व न्यायाधीशों को खोजने के लिये कहा।

पीठ ने पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के लिए ‘ए’ श्रेणी के पर्याप्त अधिकारियों को उपलब्ध नहीं कराने पर कड़ा रुख अपनाया।

वर्तमान एसआईआर के बाद अंतिम मतदाता सूची 28 फरवरी को प्रकाशित होनी है, जबकि 294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए चुनाव कार्यक्रम मार्च में घोषित होने की उम्मीद है।

भाषा अमित माधव

माधव


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