वन सीमावर्ती क्षेत्रों में लोगों के जीवन और संपत्ति की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध: मंत्री जॉन
वन सीमावर्ती क्षेत्रों में लोगों के जीवन और संपत्ति की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध: मंत्री जॉन
तिरुवनंतपुरम, आठ जून (भाषा) केरल के वन मंत्री शिबू बेबी जॉन ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार वन सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन और संपत्ति की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और वन्यजीवों के बढ़ते हमलों को लेकर चिंताओं को दूर करने के लिए हर संभव मानवीय प्रयास करेगी।
मंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘फेसबुक’ पर एक पोस्ट में कहा कि वन से लगे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा करना सरकार की सर्वोपरि जिम्मेदारियों में से एक है।
उनका यह बयान केरल में मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं के खिलाफ विपक्ष की आलोचना के मद्देनजर आया है।
एर्नाकुलम के कोथमंगलम में हाल ही में जन प्रतिनिधियों, किसानों, विभिन्न संगठनों के नेताओं और धर्मगुरुओं के साथ आयोजित एक बैठक का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने वन्यजीवों के हमलों को रोकने के लिए उठाए जा रहे उपायों के बारे में विस्तार से बताया और स्थानीय निवासियों की शिकायतों व चुनौतियों को सीधे सुना।
मंत्री ने कहा कि हालांकि केंद्रीय कानूनों से उत्पन्न कुछ बाधाएं हैं, लेकिन सरकार उनके कारण निष्क्रिय रहने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा, ‘जंगलों और वन्यजीवों की रक्षा के साथ-साथ राज्य सरकार वन सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की देखभाल करने और उनका संरक्षण करने के लिए प्रतिबद्ध है तथा उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।’
जॉन ने कहा कि वन विभाग और स्थानीय समुदायों के बीच सहयोग के माध्यम से ही वन्यजीवों के हमलों को प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है।
पिछले दो हफ्तों में केरल में जंगली हाथियों के हमलों में पांच लोगों की मौत हो चुकी है।
विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान मानव-वन्यजीव संघर्ष प्रमुख मुद्दों में से एक था, और यूडीएफ ने सत्ता में आने पर इस समस्या का समाधान करने का वादा किया था।
भाषा मनीषा शुभम अमित
अमित

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