बंगाल के पूर्व मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक ने तृणमूल के सभी पदों से इस्तीफा दिया
बंगाल के पूर्व मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक ने तृणमूल के सभी पदों से इस्तीफा दिया
कोलकाता, 19 जून (भाषा) पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक ने शुक्रवार को घोषणा की कि उन्होंने खराब स्वास्थ्य के कारण तृणमूल कांग्रेस के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है।
तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी के लंबे समय तक सहयोगी रहे मलिक ने कहा कि वह अपने इस फैसले की जानकारी पार्टी नेतृत्व को पहले ही दे चुके हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने अपने खराब स्वास्थ्य के कारण तृणमूल के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है।’’
यह घटनाक्रम तृणमूल द्वारा अपने संगठन में एक बड़ा फेरबदल करने और अपनी पुन:गठित कार्यसमिति में मलिक को शामिल करने के कुछ दिन बाद आया है।
मलिक ने 2011 से 2021 तक राज्य के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री के रूप में कार्य किया था।
उनके राजनीतिक करियर को तब बड़ा झटका लगा था, जब अक्टूबर 2023 में कथित राशन वितरण घोटाले के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उन्हें गिरफ्तार किया था।
मलिक ने अपनी गिरफ्तारी के बाद, बार-बार स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का हवाला दिया था और हिरासत में रहते हुए उनकी कई बार चिकित्सीय जांच भी की गई थी।
मलिक ने 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हब्रा सीट से तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। मलिक ने 2011, 2016 और 2021 के चुनावों में जीत हासिल कर लगातार तीन बार हब्रा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था।
उनकी इस्तीफे की घोषणा तृणमूल के भीतर जारी मतभेदों के बीच सामने आई है।
राज्य विधानसभा में, रिताब्रता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस के 58 बागी विधायकों का एक समूह पार्टी नेतृत्व से अलग हो गया। इस गुट ने विधानसभा अध्यक्ष से सबसे बड़े विधायी समूह के रूप में मान्यता भी प्राप्त कर ली है और रिताब्रता बनर्जी को विपक्ष का नेता चुना है।
यह विभाजन संसद तक भी पहुंच गया है। सुदीप बंदोपाध्याय और काकोली घोष दस्तीदार समेत तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों ने पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से दूरी बना ली है।
भाषा खारी देवेंद्र
देवेंद्र

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