कोलकाता, नौ अप्रैल (भाषा) पूर्व केंद्रीय मंत्री अबू हासेम खान चौधरी का उम्र संबंधी बीमारियों के कारण कोलकाता में निधन हो गया। चौधरी के परिवार ने यह जानकारी दी।
‘डालू’ के नाम से लोकप्रिय चौधरी 89 साल के थे। उनके परिवार में पत्नी और बेटा ईशा खान चौधरी हैं। ईशा मालदा दक्षिण से कांग्रेस के सांसद हैं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री के निधन के साथ ही मालदा जिले की राजनीति के एक युग का अंत हो गया, जहां वह दशकों तक एक प्रमुख चेहरा रहे।
कांग्रेस के दिग्गज नेता चौधरी लंबे समय से उम्र संबंधी कई बीमारियों से जूझ रहे थे। परिवार के अनुसार, बुधवार देर रात कोलकाता के एक निजी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली।
उनका अंतिम संस्कार बृहस्पतिवार को मालदा में किया जाएगा।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद ए एच खान चौधरी के निधन पर शोक व्यक्त किया।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद ए.एच. खान चौधरी जी के निधन से गहरा दुख हुआ। उन्होंने विनम्रता तथा अटूट प्रतिबद्धता के साथ मालदा और पश्चिम बंगाल के लोगों की सेवा की। उनकी सेवा की विरासत हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेगी।”
उन्होंने कहा, “ईशा खान चौधरी जी, उनके परिवार, मित्रों और समर्थकों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।”
वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने चौधरी को “सच्चा राजनेता” करार देते हुए कहा कि उन्होंने अपना जीवन सार्वजनिक सेवा और कांग्रेस के आदर्शों के लिए समर्पित किया।
उन्होंने कहा, “वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री एबू हाशेम खान चौधरी के निधन से गहरा दुख हुआ। उन्होंने विशेष रूप से मालदा सहित पश्चिम बंगाल के लोगों के लिए अथक काम किया और समावेशी विकास, धर्मनिरपेक्षता तथा सामाजिक न्याय के मूल्यों को कायम रखा।”
इस बीच, वरिष्ठ कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने भी शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत नेता के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
मालदा के प्रतिष्ठित खान चौधरी परिवार में 12 जनवरी, 1938 को जन्मे डालू चौधरी ने अपने बड़े भाई एबीए गनी खान चौधरी के मार्गदर्शन में राजनीति में कदम रखा। एबीए गनी खान चौधरी भी पूर्व केंद्रीय मंत्री रहे थे।
अपने भाई के निधन के बाद अबू हासेम खान परिवार के प्रमुख राजनीतिक नेता के रूप में उभरे और जिले में कांग्रेस की पकड़ बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई।
वह 1996 से 2006 तक कालियाचक विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे और 2009 से लगातार तीन बार मालदा दक्षिण लोकसभा सीट से निर्वाचित हुए।
वह मनमोहन सिंह नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री रहे।
खराब स्वास्थ्य के कारण वह हाल के वर्षों में सक्रिय राजनीति से दूर हो गए थे और उन्होंने 2024 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा। उन्होंने अपनी राजनीतिक विरासत अपने बेटे ईशा को सौंप दी।
उनकी रिश्तेदार मौसम बेनजीर नूर इस विधानसभा चुनाव में मालतीपुर सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं।
भाषा राखी रवि कांत