साइबर कैफे मालिक को फंसाने, अवैध रूप से बंदी बनाने के मामले में चार पुलिसकर्मी दोषी ठहराए गए

साइबर कैफे मालिक को फंसाने, अवैध रूप से बंदी बनाने के मामले में चार पुलिसकर्मी दोषी ठहराए गए

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  • Publish Date - February 24, 2022 / 02:03 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:49 PM IST

गुरुग्राम, 23 फरवरी (भाषा) यहां की एक अदालत ने बुधवार को एक सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक समेत चार पुलिसकर्मियों को एक साइबर कैफे मालिक को 2009 में फंसाने और अवैध रूप से बंदी बनाने का दोषी ठहराया।

ये सभी दोषी पुलिस की अपराध शाखा में तैनात थे। चारों दोषियों को हिरासत में ले लिया गया है और अदालत चार मार्च को सजा सुनाएगी।

वरिष्ठ वकील अमित जैन के अनुसार, चार पुलिसकर्मियों ने तीन सितंबर 2009 को राजीव नगर में एक साइबर कैफे पर छापा मारा था, जिसमें उसके मालिक हंसराज राठी पर फर्जी वोटर आईडी और अन्य आई-कार्ड बनाने का आरोप लगाया गया था।

पुलिसकर्मियों ने राठी, उनके दो कर्मचारियों को पकड़ लिया था।

जैन ने कहा कि पुलिसकर्मियों ने एक लाख रुपये की मांग की और भुगतान नहीं होने पर तीनों के खिलाफ मामला दर्ज किया तथा पीड़ितों को जेल जाना पड़ा।

भाषा

नेत्रपाल सिम्मी

सिम्मी