धोखाधड़ी मामला: सत्य प्रकाश बागला की जमानत याचिका पर सुनवाई 18 फरवरी को जारी रहेगी

धोखाधड़ी मामला: सत्य प्रकाश बागला की जमानत याचिका पर सुनवाई 18 फरवरी को जारी रहेगी

धोखाधड़ी मामला: सत्य प्रकाश बागला की जमानत याचिका पर सुनवाई 18 फरवरी को जारी रहेगी
Modified Date: February 16, 2026 / 10:29 pm IST
Published Date: February 16, 2026 10:29 pm IST

नयी दिल्ली, 16 फरवरी (भाषा) एक स्थानीय अदालत ने सोमवार को कोलकाता स्थित एक निवेशक से जुड़े धोखाधड़ी के मामले में व्यवसायी सत्य प्रकाश बागला की जमानत याचिका पर अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनीं और सुनवाई 18 फरवरी को जारी रहेगी।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एस. गुप्ता ने अभियोजन पक्ष के वकील की दलीलें सुनीं और मामले की सुनवाई बुधवार दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

बहस शुरू होने से पहले, बागला के वकील ने अदालत को सूचित किया कि सह-आरोपी जॉनसन के अब्राहम, जो पहले फरार था, को 13 फरवरी को केरल में गिरफ्तार कर लिया गया था और अगले दिन उसे चार दिन के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया था।

अभियोजन पक्ष के वकील ने उच्चतम न्यायालय के पूर्व निर्णयों का हवाला देते हुए दलील दी कि जमानत आवेदक सभी महत्वपूर्ण तथ्यों का खुलासा करने के लिए बाध्य है।

वकील ने कहा कि बागला ने अपनी याचिका में अपने आपराधिक रिकॉर्ड का खुलासा नहीं किया, जो महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाने के बराबर है। उन्होंने बताया कि एक मामले में तथ्यों को छिपाने के कारण अदालत की अवमानना ​​की कार्यवाही हुई, जबकि दूसरे मामले में इसके परिणामस्वरूप ‘‘अनुचित तरीके से जमानत’’ दी गई।

बागला के वकील ने दलील दी कि फैसलों के अनुसार, यह केवल एक दायित्व है, अनिवार्यता नहीं। उन्होंने कहा, ‘‘ये महज दिशानिर्देश हैं। ऐसा नहीं है कि जमानत देने से पहले अदालत को उसके आपराधिक इतिहास के बारे में जानकारी नहीं दी गई थी।’’

जमानत याचिका का विरोध करते हुए, अभियोजन पक्ष के वकील ने आरोप लगाया कि जब गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) ‘एक्सक्लूसिव कैपिटल लिमिटेड’ (ईसीएल) लेनदारों को 60 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान करने में विफल रही, तब लग्जरी कारों की खरीद का कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया था।

वकील ने कहा कि हिरासत में पूछताछ आवश्यक है क्योंकि और भी उपकरण गायब होने का संदेह है और आरोपी से अभी तक हटाए गए डेटा के बारे में पूछताछ नहीं की गई है।

अभियोजन पक्ष के वकील ने यह भी आरोप लगाया कि जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया था, जिसमें दावा किया गया था कि ईसीएल अपना पंजीकृत पता एक अन्य संबंधित इकाई के साथ साझा करता है, लेकिन वहां उसका कोई सक्रिय व्यवसाय नहीं था।

ईसीएल के मालिक बागला को दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने नौ जनवरी को गिरफ्तार कर लिया था।

यह मामला अक्टूबर 2025 में कोलकाता के वरिष्ठ नागरिक दंपती, सुरेश कुमार अग्रवाल और कांता अग्रवाल द्वारा ईसीएल के निदेशकों, जिनमें बागला, अचल कुमार जिंदल और जॉनसन अब्राहम शामिल हैं, के खिलाफ दायर की गई शिकायत से संबंधित है। उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 318 (धोखाधड़ी), 316 (आपराधिक विश्वासघात) और 61 (आपराधिक साजिश) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

भाषा

देवेंद्र अविनाश

अविनाश


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