खुद को नेता का पति बताकर 1.69 लाख रुपये की ठगी करने वाला जालसाज गिरफ्तार

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खुद को नेता का पति बताकर 1.69 लाख रुपये की ठगी करने वाला जालसाज गिरफ्तार

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  • Publish Date - September 28, 2026 / 07:40 PM IST,
    Updated On - September 28, 2026 / 07:40 PM IST

नयी दिल्ली, 28 सितंबर (भाषा) दिल्ली पुलिस ने खुद को एक प्रमुख राजनीतिक नेता का पति बताकर एक व्यवसायी से करीब 1.69 लाख रुपये की ठगी करने के आरोप में 44 वर्षीय जालसाज को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।

दिल्ली पुलिस ने बताया कि आरोपी की पहचान भलिंदर पाल सिंह के तौर पर हुई। उसने दावा किया था कि एक छात्र की फीस भरने के लिए पैसे की तत्काल आवश्यकता है, जिसे बाद में कार्यालय द्वारा वापस कर दिया जाएगा।

पुलिस ने बताया कि सिंह अपने दावों को प्रामाणिक रूप देने के लिए अपने ‘व्हाट्सऐप’ ऐप की ‘प्रोफाइल पिक्चर’ पर अशोक स्तंभ के चिह्न का इस्तेमाल करता था। वह अपनी पहचान बदलता रहता था। उसके खिलाफ पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। इन मामलों में उसने खुद को मेयर, एक विधायक का निजी सहायक और सांसदों का रिश्तेदार बताया था।

एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘सिंह ने फर्जी पहचान के जरिए खरीदे गए सिम कार्ड से सोशल मीडिया ऐप पर अकाउंट बनाया था और ‘प्रोफाइल पिक्चर’ के तौर पर अशोक स्तंभ का इस्तेमाल किया था। वह संभावित पीड़ितों से बातचीत करते समय आधिकारिक प्रभाव दिखाने के लिए इस अकाउंट का इस्तेमाल करता था।’

अधिकारी ने बताया कि इस बाबत 11 सितंबर को शिकायत मिली जिसमें पीड़ित ने बताया कि उसे एक प्रमुख नेता का जीवनसाथी होने का दावा करने वाले व्यक्ति का फोन आया था।

उनके मुताबिक, फोन करने वाले ने उससे कहा कि एक छात्र की फीस तत्काल भरी जानी है क्योंकि भुगतान के लिए जिम्मेदार व्यक्ति छुट्टी पर है और आश्वासन दिया कि यह राशि कार्यालय द्वारा वापस कर दी जाएगी।

अधिकारी ने कहा, ‘उसकी बातों पर भरोसा करते हुए व्यवसायी ने उसके द्वारा प्रदान किए गए विभिन्न बैंक खातों में कुल 1.69 लाख रुपये स्थानांतरित कर दिए। उसने दिल्ली से लखनऊ के लिए एक हवाई टिकट भी बुक किया।’

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने 13 सितंबर को प्राथमिकी दर्ज की।

पुलिस ने पुलिस ने बताया कि उसे हरियाणा के गुरुग्राम के सेक्टर 43 से पकड़ा गया। वह कथित तौर पर जसराज सहगल की पहचान के साथ वहां रह रहा था। उसके पास से दो आधार भी बरामद किए गए, जिन पर एक ही नंबर दर्ज था।

आरोपी खुद को एक प्रभावशाली व्यक्ति के रूप में पेश करने के लिए एसयूवी का इस्तेमाल करता था।

पुलिस ने कहा कि उसने फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस और किसी अन्य व्यक्ति के नाम वाले पहचान पत्र का इस्तेमाल करके वाहन किराए पर लिया था।

अधिकारी ने कहा, ‘सिंह पहले भी धोखाधड़ी, जबरन वसूली और जेल अधिनियम से संबंधित 25 मामलों में शामिल रहा है। उसे चार मामलों में भगोड़ा घोषित किया गया है, जबकि दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में दर्ज धोखाधड़ी के चार अन्य मामलों में उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए गए हैं।’

भाषा नोमान नोमान अविनाश

अविनाश