भारत छोड़ने वाले फ्रांसीसी पत्रकार का दावा, गृह मंत्रालय ने कार्य परमिट रद्द किया

भारत छोड़ने वाले फ्रांसीसी पत्रकार का दावा, गृह मंत्रालय ने कार्य परमिट रद्द किया

भारत छोड़ने वाले फ्रांसीसी पत्रकार का दावा, गृह मंत्रालय ने कार्य परमिट रद्द किया
Modified Date: June 20, 2024 / 09:08 pm IST
Published Date: June 20, 2024 9:08 pm IST

नयी दिल्ली, 20 जून (भाषा) फ्रांसीसी पत्रकार सेबेस्टियन फार्सिस ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा उनका परमिट नवीनीकृत करने से इनकार करने के बाद उन्हें भारत छोड़ने के लिए मजबूर किया गया।

फार्सिस ने ‘एक्स’ पर कहा, “भारत में 13 साल तक संवाददाता के तौर पर काम करने के बाद, अधिकारियों ने मुझे पत्रकार के तौर पर काम करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। इस तरह मुझे देश छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है।”

फार्सिस रेडियो फ्रांस इंटरनेशनेल, रेडियो फ्रांस, लिबरेशन और स्विस और बेल्जियम के सार्वजनिक रेडियो के लिए दक्षिण एशिया संवाददाता थे।

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फार्सिस ने बृहस्पतिवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “17 जून को मुझे भारत छोड़ने के लिए मजबूर किया गया, एक ऐसा देश जहां मैं 13 साल तक पत्रकार के रूप में रहा और काम किया तथा रेडियो फ्रांस इंटरनेशनेल, रेडियो फ्रांस, लिबरेशन और स्विस व बेल्जियम के सार्वजनिक रेडियो के लिए दक्षिण एशिया संवाददाता के रूप में सेवाएं दीं।”

फरवरी में, फ्रांसीसी पत्रकार वैनेसा डौगनैक ने सरकार द्वारा उनका ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया कार्ड रद्द किये जाने के बाद भारत छोड़ दिया।

फार्सिस ने कहा कि वह 2011 से भारत में पत्रकार के रूप में काम कर रहे थे और उनके पास सभी आवश्यक वीजा और मान्यताएं थीं।

उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किए गये एक बयान में कहा, “मैंने कभी बिना परमिट के प्रतिबंधित या संरक्षित क्षेत्रों में काम नहीं किया है। कई मौकों पर, गृह मंत्रालय ने मुझे सीमावर्ती क्षेत्रों से रिपोर्ट करने की अनुमति भी दी थी।”

भाषा प्रशांत पवनेश

पवनेश


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