केजरीवाल के आबकारी नीति लागू करने से उनके बरी होने तक घटनाक्रम

केजरीवाल के आबकारी नीति लागू करने से उनके बरी होने तक घटनाक्रम

केजरीवाल के आबकारी नीति लागू करने से उनके बरी होने तक घटनाक्रम
Modified Date: February 27, 2026 / 05:25 pm IST
Published Date: February 27, 2026 5:25 pm IST

दिल्ली, 27 फरवरी (भाषा) दिल्ली की अदालत ने शुक्रवार को आबकारी नीति मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष के. काविता और 20 अन्य आरोपियों को बरी कर दिया।

आबकारी नीति से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में घटनाक्रम:

– नवंबर 2021: दिल्ली सरकार ने नई आबकारी नीति लागू की।

– जुलाई 2022: राज्यपाल वी.के. सक्सेना ने नीति के निर्माण और कार्यान्वयन में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की अनुशंसा की।

– अगस्त 2022: सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित अनियमितताओं के संबंध में मामले दर्ज किए।

– सितंबर 2022: दिल्ली सरकार ने आबकारी नीति को रद्द कर दिया।

– अक्टूबर 2023 से मार्च 2024: ईडी ने धन शोधन मामले में केजरीवाल को नौ बार समन भेजा।

– 21 मार्च 2024: दिल्ली उच्च न्यायालय ने समन के खिलाफ केजरीवाल की याचिका पर गिरफ्तारी से संरक्षण देने से इनकार कर दिया। इसके कुछ समय बाद ईडी ने आम आदमी पार्टी के नेता को गिरफ्तार कर लिया।

– 10 मई 2024: उच्चतम न्यायालय ने यह कहते हुए केजरीवाल को लोकसभा चुनाव में प्रचार के वास्ते एक जून तक अस्थायी जमानत दी कि दो जून को उन्हें जेल में आत्मसमर्पण करना होगा।

– 20 जून 2024: अधीनस्थ अदालत ने केजरीवाल को नियमित जमानत दे दी।

– 21 जून 2024: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अधीनस्थ अदालत के जमानत आदेश को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय का रुख किया। उच्च न्यायालय ने एजेंसी की याचिका पर नोटिस जारी किया और रोक के निर्णय तक जमानत आदेश को निलंबित कर दिया।

– 25 जून 2024: उच्च न्यायालय ने धन शोधन मामले में अधीनस्थ अदालत द्वारा दी गई केजरीवाल की जमानत को रोक दिया।

– 26 जून 2024: सीबीआई ने केजरीवाल को आबकारी नीति से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में जेल से आधिकारिक तौर पर गिरफ्तार किया।

– 17 मई 2024: उच्चतम न्यायालय ने केजरीवाल की गिरफ्तारी की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।

– 12 जुलाई 2024: उच्चतम न्यायालय ने कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में केजरीवाल को अस्थायी जमानत दी। लेकिन सीबीआई मामले में जेल में ही रहना पड़ा।

– 17 जुलाई 2024: केजरीवाल ने कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में सीबीआई द्वारा की गई उनकी गिरफ्तारी को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी।

– पांच अगस्त 2024: दिल्ली उच्च न्यायालय ने भ्रष्टाचार मामले में सीबीआई द्वारा की गई केजरीवाल की गिरफ्तारी को सही ठहराया।

– 12 अगस्त 2024: केजरीवाल ने दिल्ली उच्च न्यायालय के उस आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का रुख किया, जिसमें उनकी गिरफ्तारी को सही ठहराया गया था।

– 14 अगस्त 2024: उच्चतम न्यायालय ने केजरीवाल की याचिका पर सीबीआई को नोटिस जारी किया, जो आबकारी नीति घोटाले में आप नेता की गिरफ्तारी के खिलाफ थी।

– पांच सितंबर, 2024: उच्चतम न्यायालय ने केजरीवाल की जमानत याचिकाओं पर अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया।

– 11 सितंबर, 2024: दिल्ली की अदालत ने शराब नीति घोटाले मामले में केजरीवाल की न्यायिक हिरासत 25 सितंबर तक बढ़ा दी।

– 13 सितंबर 2024: उच्चतम न्यायालय ने केजरीवाल को जमानत दी और कहा कि लंबे समय तक जेल में रखना अन्यायपूर्ण तरीके से स्वतंत्रता से वंचित करने के बराबर है।

– 12 फरवरी 2026: दिल्ली की अदालत ने आरोपों पर अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया।

– 27 फरवरी 2026: दिल्ली की अदालत ने केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य 21 लोगों को इस मामले में बरी कर दिया।

भाषा

खारी माधव

माधव


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