केरल में अंगदान प्रक्रिया के लिए जाली दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, पांच हिरासत में

Ads

केरल में अंगदान प्रक्रिया के लिए जाली दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, पांच हिरासत में

  •  
  • Publish Date - May 8, 2026 / 02:05 PM IST,
    Updated On - May 8, 2026 / 02:05 PM IST

कोच्चि, आठ मई (भाषा) केरल के कोच्चि जिले के पल्लिक्करा में अंग दाताओं और प्राप्तकर्ताओं के लिए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराने वाले गिरोह के बारे में मिली सूचना के बाद पुलिस ने पांच लोगों को हिरासत में लिया है और कई स्थानों पर छापेमारी की है। अधिकारियों ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने यह कार्रवाई की।

कुन्नाथुनाडु पुलिस ने छापेमारी के बाद दो मामले दर्ज कर इस संबंध में जांच शुरू कर दी है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोगों की पहचान नजीब कल्लाथरा और उसकी पत्नी रशीदा, सनी वर्गीस और उनकी पत्नी सिनी वर्गीस एवं मनोज के पी के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि ये सभी एर्णाकुलम जिले के रहने वाले हैं।

उन्होंने बताया कि आरोपियों के आवासों और पल्लिकारा स्थित एक डिजिटल स्टूडियो पर छापेमारी के बाद उन्हें हिरासत में लिया गया।

पुलिस इस मामले में आसिफ नामक एक व्यक्ति की तलाश कर रही है जिसके इस रैकेट में शामिल होने का संदेह है।

पुलिस के अनुसार, अंगदान की प्रक्रिया में जटिल सत्यापन प्रक्रियाएं शामिल होती हैं, जिसके लिए पुलिस, स्थानीय निकायों, डॉक्टरों, विधायकों और सांसदों से प्रमाण पत्रों की आवश्यकता होती है। उसने बताया कि आरोपियों ने कथित तौर पर ऐसे प्रमाण पत्रों में हेराफेरी की थी।

मामले में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, यह गिरोह अगस्त 2023 से सक्रिय था। इसने कथित तौर पर कोच्चि के दो निजी अस्पतालों के लेटरहेड और फर्जी पुलिस मंजूरी प्रमाण पत्र बनाया था।

इसके आलावा, आरोपियों ने जिन सांसदों और पूर्व विधायकों के नाम पर फर्जी पत्र और लेटरहेड बनवाए थे, उनमें पूर्व विधायक सी एच कुन्हाम्बु,, के पी मोहनन, दलीमा जोजो, पूर्व मुख्य सचेतक एन जयराज और सांसद हिबी ईडन तथा के आर राधाकृष्णन का नाम शामिल है।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने अंबालापुझा के पुलिस उपाधीक्षक और कुन्नमकुलम के सहायक पुलिस आयुक्त के जाली लेटरहेड भी तैयार किए थे।

इसके अलावा, गिरोह ने कई प्रमुख डॉक्टरों के नाम पर फर्जी सिफारिशी पत्र भी बनाए थे।

अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी के दौरान कंप्यूटर, मोबाइल फोन और डीवीआर जब्त किए गए हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, इस संबंध में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामले दर्ज जांच की जा रही है।

भाषा प्रचेता रंजन

रंजन