नयी दिल्ली, नौ अप्रैल (भाषा) दिल्ली पुलिस ने मध्य दिल्ली के श्रद्धानंद मार्ग इलाके में चल रहे मानव तस्करी और देह व्यापार गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए एक नाबालिग समेत आठ महिलाओं को मुक्त कराया। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
अजमेरी गेट के पास एक इमारत में अनैतिक गतिविधियों के संबंध में मिली विशिष्ट सूचना के बाद आठ अप्रैल की रात को छापेमारी की गई।
एक अधिकारी ने बताया, ‘सूचना के आधार पर, कमला मार्केट थाने की एक टीम ने अन्य इकाइयों के साथ मिलकर संदिग्ध परिसर पर छापा मारा।’
छापेमारी के दौरान पुलिस को परिसर के अंदर कई महिलाएं और कुछ पुरुष मिले। जांच करने पर पता चला कि इस जगह का इस्तेमाल संगठित देह व्यापार और मानव तस्करी के लिए किया जा रहा था।
पुलिस ने बताया कि आठ महिलाओं को मुक्त कराया गया, जिनमें पश्चिम बंगाल से तस्करी करके लाई गई 17 वर्षीय लड़की भी शामिल थी।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, नाबालिग ने खुलासा किया कि उसे आलिया उर्फ पिंकी नाम की एक महिला दिल्ली लेकर आई थी और बाद में उसे एक ऐसे दंपति को सौंप दिया गया था जो कथित तौर पर देह व्यापार में लिप्त है।
पुलिस ने बताया कि यह गिरोह पश्चिम बंगाल और असम सहित विभिन्न राज्यों और यहां तक कि नेपाल से भी महिलाओं को तस्करी कर लाता था और उन्हें अनैतिक गतिविधियों में शामिल कराता था।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘नेपाल निवासी गोपी राम परिहार उर्फसूरज और लुमा कांत पांडे को मौके से गिरफ्तार किया गया है। वे प्रबंधक के रूप में काम कर रहे थे और परिसर में नकद लेनदेन संभालते थे और गतिविधियों का समन्वय करते थे।’
उन्होंने बताया कि इस अभियान के दौरान बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री के साथ-साथ 1.97 लाख रुपये नकद, विदेशी मुद्रा और नशीले पदार्थ बरामद किए हैं।
गिरोह के मुख्य सरगना समेत अन्य आरोपियों का पता लगाने और उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं, जो फिलहाल फरार हैं।
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नोमान माधव
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