जयपुर, 12 मार्च (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बृहस्पतिवार को जयपुर में दांडी मार्च स्मृति पदयात्रा में भाग लिया।
‘भारत सेवा संस्थान’ द्वारा आयोजित दांडी मार्च स्मृति पदयात्रा जयपुर में शहीद स्मारक से गांधी वाटिका तक निकाली गई। गहलोत गांधीवादी कार्यकर्ताओं और आम लोगों के साथ इसमें शामिल हुए और पैदल चले।
पदयात्रा में शामिल लोगों ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा ले रखा था। महात्मा गांधी की वेशभूषा वाला एक व्यक्ति भी इस पदयात्रा में शामिल हुआ।
गहलोत ने कहा, ‘‘दांडी मार्च केवल नमक कानून के विरुद्ध आंदोलन नहीं था, बल्कि अन्याय और दमनकारी नीतियों के खिलाफ दुनिया का सबसे बड़ा अहिंसक प्रतिरोध था।’’
उन्होंने कहा कि आज जयपुर में ‘भारत सेवा संस्थान’ द्वारा आयोजित दांडी मार्च स्मृति पदयात्रा में शामिल होकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को विनम्रतापूर्वक नमन किया।
पूर्व मुख्यमंत्री के अनुसार, लोकतंत्र के समक्ष नयी-नयी चुनौतियां खड़ी हो रही हैं, ऐसे समय में बापू के सत्य, अहिंसा और जनशक्ति के गांधीवादी मूल्यों को फिर से आत्मसात करना ही लोकतांत्रिक आदर्शों को सशक्त करने का सबसे प्रभावी मार्ग है।
महात्मा गांधी ने सविनय अवज्ञा आंदोलन के तहत 12 मार्च 1930 को दांडी मार्च शुरू किया था। इसे दांडी सत्याग्रह के रूप में भी जाना जाता है।
भाषा पृथ्वी सुरभि
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