बाल विवाह, घरेलू हिंसा के आघात से उबरकर छात्रा कक्षा 10 की परीक्षा देने पहुंची

बाल विवाह, घरेलू हिंसा के आघात से उबरकर छात्रा कक्षा 10 की परीक्षा देने पहुंची

बाल विवाह, घरेलू हिंसा के आघात से उबरकर छात्रा कक्षा 10 की परीक्षा देने पहुंची
Modified Date: February 21, 2026 / 08:04 pm IST
Published Date: February 21, 2026 8:04 pm IST

बीड, 21 फरवरी (भाषा) बाल विवाह और घरेलू हिंसा के भयावह अनुभवों से उबरकर महाराष्ट्र के बीड जिले की 15 वर्षीय लड़की ने कक्षा 10 की परीक्षा में शामिल होकर जीवन में एक नया अध्याय शुरू किया।

पुलिस की पूरी सुरक्षा में छात्रा ने शुक्रवार को मराठी विषय की परीक्षा दी।

एक सामाजिक कार्यकर्ता ने बताया कि नाबालिग लड़की की शादी उसके अभिभावकों ने दिसंबर 2025 में, उसकी मर्जी के खिलाफ पुणे में रहने वाले एक रिश्तेदार से जबरन करा दी। उसने बताया कि शादी के बाद उसका पति उसे पुणे ले जाकर बस गया और यहीं से उसके जीवन के सबसे काले अध्याय की शुरुआत हुई।

उन्होंने बताया कि लड़की अपने पति द्वारा गंभीर शारीरिक शोषण और ससुराल वालों द्वारा लगातार मौखिक उत्पीड़न का शिकार थी। हालांकि, दबाव में टूटने के बजाय, उस लड़की ने अन्याय के खिलाफ लड़ने का फैसला किया।

यातनाओं से परेशान होकर उसने पुणे पुलिस से संपर्क किया। उसकी गवाही के आधार पर उसके पति और ससुराल वालों सहित 11 व्यक्तियों के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।

कानूनी हस्तक्षेप के बाद, उन्हें बीड स्थित ‘शक्ति सदन’ पुनर्वास गृह में स्थानांतरित कर दिया गया। इस संकटकालीन दौर में, उसे सामाजिक कार्यकर्ताओं से महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक सहायता प्राप्त हुई।

इस दौरान पीड़िता अपनी शिक्षा पूरी करने के लिये भी दृढ़ संकल्पित दिखी। सामाजिक कार्यकर्ता तत्वशील कांबले ने बताया कि अपने महत्वपूर्ण शैक्षणिक वर्ष के बर्बाद होने के डर से उसने बोर्ड परीक्षा में बैठने की इच्छा व्यक्त की।

उसकी हिम्मत को देखते हुए, प्रशासन ने तुरंत आवश्यक व्यवस्थाएं कीं। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को, सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में, वह परीक्षा केंद्र पहुंचीं और मराठी की परीक्षा दी।

कांबले ने कहा, “ऐसे पीड़ितों को शिक्षा की मुख्यधारा में शामिल करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना समय की मांग है।”

भाषा प्रशांत दिलीप

दिलीप


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