जयपुर में 5-6 सितंबर को ग्लोबल नर्सिंग सम्मेलन, जुटेंगे 10 से अधिक देशों के प्रतिनिधि

जयपुर में 5-6 सितंबर को ग्लोबल नर्सिंग सम्मेलन, जुटेंगे 10 से अधिक देशों के प्रतिनिधि

जयपुर में 5-6 सितंबर को ग्लोबल नर्सिंग सम्मेलन, जुटेंगे 10 से अधिक देशों के प्रतिनिधि
Modified Date: August 19, 2026 / 03:28 pm IST
Published Date: August 19, 2026 3:28 pm IST

जयपुर, 19 अगस्त (भाषा) नर्सिंग शिक्षा को आधुनिक तकनीक, वैश्विक अनुभव और भविष्य की स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के उद्देश्य से जयपुर में पांच और छह सितंबर को ‘ग्लोबल नर्सिंग सम्मेलन-2026’ का आयोजन किया जाएगा।

आयोजकों ने बुधवार यह जानकारी देते हुए बताया कि राजस्थान अंतरराष्ट्रीय केंद्र में होने वाले दो दिवसीय सम्मेलन में 10 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के साथ 1,500 से अधिक प्रतिभागी प्रत्यक्ष और 5,000 से अधिक प्रतिभागी ऑनलाइन शामिल होंगे।

एक संवाददाता सम्मेलन में आयोजकों ने बताया कि आरएच हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड की ओर से नर्सिंग टीचर्स एसोसिएशन ऑॅफ इंडिया-राजस्थान के सहयोग से आयोजित इस सम्मेलन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), रोबोटिक्स, आभासी वास्तविकता जैसे विषयों पर चर्चा होगी।

सम्मेलन के अध्यक्ष और आरएच हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक डॉ. राहुल शर्मा ने कहा ‘‘ स्वास्थ्य क्षेत्र तेजी से तकनीक आधारित हो रहा है। नर्सों एवं नर्सिंग विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, आभासी वास्तविकता और आधुनिक तकनीकों के साथ समय रहते जोड़ना आवश्यक है।’’

उन्होंने कहा, “कृत्रिम बुद्धिमत्ता और रोबोटिक्स नर्स का विकल्प नहीं हैं। ये नर्स की चिकित्सकीय दक्षता, निर्णय क्षमता और मरीजों की देखभाल को अधिक सशक्त बनाने वाली तकनीकें हैं।”

कार्यक्रम के सचिव पुरुषोत्तम कुंभज ने कहा कि सम्मेलन में नर्सिंग शिक्षा में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल के साथ ही नर्सिंग क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं और नीतिगत मुद्दों पर भी चर्चा होगी। छह सितंबर को होने वाला मुख्य सम्मेलन नर्सिंग क्षेत्र से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर केंद्रित रहेगा।

पुरुषोत्तम ने नर्सिंग क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर की नियामक व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा ‘‘संसद से संबंधित कानून पारित होने के बावजूद उसके प्रभावी क्रियान्वयन में देरी चिंता का विषय है। नर्सिंग क्षेत्र में नियामक व्यवस्था को प्रभावी बनाने और उच्च शिक्षा से जुड़ी चुनौतियों के समाधान पर भी सम्मेलन में चर्चा की जाएगी।’’

भाषा बाकोलिया मनीषा

मनीषा


लेखक के बारे में