गोवा: एसआईआर को लेकर विपक्ष का निर्वाचन आयोग और भाजपा पर निशाना, वापस लेने की मांग

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गोवा: एसआईआर को लेकर विपक्ष का निर्वाचन आयोग और भाजपा पर निशाना, वापस लेने की मांग

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  • Publish Date - September 24, 2026 / 03:31 PM IST,
    Updated On - September 24, 2026 / 03:31 PM IST

पणजी, 24 सितंबर (भाषा) गोवा में विपक्ष ने बृहस्पतिवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के जरिये आगामी चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश का आरोप लगाया और इस प्रक्रिया को वापस लेने की मांग की।

निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी द्वारा एसआईआर के तहत गोवा समेत कई जगहों पर नाम हटाने से जुड़े मुद्दों पर आपत्तियां जताने वाली खबरों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह चुनाव में गड़बड़ी करने जैसा है।

गोवा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष सुनील कवथणकर ने पणजी में संवाददाताओं से कहा कि भाजपा एसआईआर के जरिये चुनाव जीतने की कोशिश कर रही है, क्योंकि उसे पता है कि गोवा जैसे राज्यों में सत्ता में वापसी करना उसके लिए मुश्किल होगा।

उन्होंने कहा, ‘वैध मतदाताओं के नाम हटाना चुनाव में गड़बड़ी करने के समान है। भारत निर्वाचन आयोग भाजपा की एक शाखा बन गया है, जिसका इस्तेमाल वह चुनाव जीतने के लिए कर रही है।’

कांग्रेस नेता ने एसआईआर प्रक्रिया को वापस लेने की मांग की।

कवथणकर ने कहा, ‘देशभर में कांग्रेस को मिल रहे समर्थन से भाजपा घबराई हुई है। यही कारण है कि वह इस तरह की रणनीतियों के जरिये चुनाव जीतने की कोशिश कर रही है।’

एक अन्य संवाददाता सम्मेलन में ‘गोवा फॉरवर्ड पार्टी’ के अध्यक्ष विजय सरदेसाई ने मांग की कि मतदाता सूची से हटाए गए सभी मतदाताओं के नाम तुरंत वापस जोड़े जाएं। उन्होंने कहा कि केवल मृत लोगों के नाम ही हटाए जाने चाहिए।

उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया के दौरान 1.8 लाख मतदाताओं को सूची से बाहर कर दिया गया। उन्होंने कहा कि गोवा में चुनाव बेहद कम अंतर से जीते जाते हैं और कई बार जीत का अंतर 100 से भी कम मतों का होता है, ऐसे में मतदाताओं के नाम हटाए जाने से 2027 के चुनावों के नतीजे प्रभावित हो सकते हैं।

देशभर में विपक्षी दलों ने एसआईआर प्रक्रिया को रद्द करने की मांग की है और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा है। विपक्षी दलों ने ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की एक खबर का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि वह निर्वाचन आयोग का संचालन ‘एक व्यक्ति के निरंकुश शासन’ की तरह कर रहे हैं और उन्होंने उनके खिलाफ महाभियोग चलाने तथा गिरफ्तारी की मांग की है।

भाषा

शुभम नरेश

नरेश