गोवा की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गयी है, मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत पंजाब मॉडल अपनाएं: केजरीवाल

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गोवा की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गयी है, मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत पंजाब मॉडल अपनाएं: केजरीवाल

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  • Publish Date - July 4, 2026 / 03:47 PM IST,
    Updated On - July 4, 2026 / 03:47 PM IST

(फाइल फोटो के साथ)

पणजी, चार जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित गोवा की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के ‘चरमरा जाने’ का आरोप लगाते हुए आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को इस तटीय प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत से पंजाब की 10 लाख रुपये वाली स्वास्थ्य बीमा योजना को अपनाने की अपील की।

केजरीवाल ने यहां प्रेसवार्ता में कहा कि गोवा की लगभग 90 प्रतिशत आबादी सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर निर्भर है, क्योंकि ज़्यादातर परिवारों के लिए निजी इलाज का खर्च उठाना मुमकिन नहीं है, खासकर गंभीर बीमारी के मामले में।

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल ने दावा किया कि गोवा में दीन दयाल स्वास्थ्य सेवा योजना (डीडीएसएसवाई) लोगों को फायदा पहुंचाने में नाकाम रही है, जबकि राज्य के एकमात्र सुपर-स्पेशियलिटी सरकारी अस्पताल गोवा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में बहुत ज़्यादा भीड़ है।

उन्होंने कहा कि अन्य सरकारी अस्पतालों में कर्मियों की कमी है, विशेषज्ञ चिकित्सकों का अभाव है, बुनियादी सुविधाओं और दवाओं की कमी है।

केजरीवाल ने कहा, ‘‘गोवा का पूरा स्वास्थ्य तंत्र ठप हो गया है। 90 प्रतिशत लोगों को यह नहीं पता है कि परिवार के किसी सदस्य के गंभीर रूप से बीमार पड़ने पर वे कहां जाएं। डीडीएसएसवाई बीमा योजना तीन सदस्यों तक वाले परिवारों के लिए सालाना चार लाख रुपये और बड़े परिवारों के लिए छह लाख रुपये का कवर देती है जो नाकाफी है और अब क्रियाशील भी नहीं है।’’

उन्होंने कहा कि बड़ी बीमारियों के इलाज का खर्च उठाने के लिए यह बीमा कवर बहुत कम है और इस योजना के तहत सिर्फ़ 447 बीमारियों एवं इलाज की प्रक्रियाओं को ही शामिल किया गया है।

आप नेता ने कहा कि अस्पताल अक्सर डीडीएसएसवाई कार्ड स्वीकार करने से मना कर देते हैं क्योंकि सरकार से मिलने वाले पैसे (रीइम्बर्समेंट) में कई महीनों की देरी होती है और प्रतपूर्ति की दरों में 2016 के बाद से कोई बदलाव नहीं किया गया है।

उन्होंने कहा,‘‘डीडीएसएसवाई लाभार्थियों की संख्या 2022-23 में 2.95 लाख परिवारों से घटकर 2025-26 में 1.81 लाख हो गई है, जो खुद यह दिखाता है कि लोगों को इस योजना का फ़ायदा नहीं मिल रहा है। पंजाब में, जहां आप की सरकार है, हर परिवार बिना किसी आय की शर्त के सालाना 10 लाख रुपये तक की स्वास्थ्य बीमा का हकदार है।’’

केजरीवाल ने कहा कि पंजाब की योजना में लगभग 2,350 बीमारियों और चिकित्सा प्रक्रियाओं को शामिल किया गया है, जबकि गोवा की योजना में केवल 447 को ही शामिल किया गया है और दूसरी बात कि, पंजाब में अस्पतालों को 15 दिनों के भीतर भुगतान मिल जाता है।

उन्होंने कहा,‘‘हम गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत से अपील करते हैं कि वह पंजाब की अच्छी प्रथाओं से सीख लें और सभी प्रमुख बीमारियों एवं प्रक्रियाओं को कवर करने वाली 10 लाख रुपये की बीमा योजना लागू करें। यदि ऐसा किया जाता है, तो निजी अस्पताल आम लोगों के लिए सुलभ हो जाएंगे।’’

भाषा राजकुमार रंजन

रंजन