Madhya Pradesh RERA: जस्टिस वी.पी.एस. चौहान की जगह अब ये होंगे रेरा के नए चेयरमैन, आदेश जारी

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Madhya Pradesh RERA: एमपी के मोहन सरकार ने REAT के चेयरमैन पद पर सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस बिनोद कुमार द्विवेदी की नियुक्ति कर दी है।

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  • Publish Date - July 4, 2026 / 05:29 PM IST,
    Updated On - July 4, 2026 / 05:32 PM IST

Madhya Pradesh RERA/Photo Creadit: Social Media

HIGHLIGHTS
  • मध्यप्रदेश सरकार ने जस्टिस बिनोद कुमार द्विवेदी को REAT का नया चेयरमैन नियुक्त किया
  • वे पूर्व चेयरमैन जस्टिस वी.पी.एस. चौहान का स्थान लेंगे
  • नियुक्ति कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से 5 वर्ष या 67 वर्ष की आयु तक प्रभावी रहेगी

भोपाल। Madhya Pradesh RERA: एमपी के मोहन सरकार ने मध्यप्रदेश भू-संपदा अपीलीय अधिकरण (RERA) के चेयरमैन पद पर सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस बिनोद कुमार द्विवेदी (Justice Binod Kumar Dwivedi) की नियुक्ति कर दी है। इस आशय नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने आदेश भी जारी कर दिया है। जस्टिस द्विवेदी पूर्व चेयरमैन जस्टिस वी.पी.एस. चौहान की जगह लेंगे। नियुक्ति आदेश के अनुसार, चेयरमैन द्विवेदी कार्यभार ग्रहण करने से पांच साल या 67 साल की उम्र तक रहेगा।

रेरा के आदेश और फैसलों के खिलाफ अपील सुनती है रिएट

Madhya Pradesh RERA मध्यप्रदेश भू-संपदा अपीलीय अधिकरण का गठन रियल एस्टेट अधिनियम, 2016 के तहत किया गया है। यह अधिकरण मध्यप्रदेश रेरा और न्यायनिर्णायक अधिकारी द्वारा पारित आदेशों एवं फैसलों के विरुद्ध दायर अपीलों की सुनवाई करता है। (Justice Binod Kumar Dwivedi Appointment)

 

 

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REAT का नया चेयरमैन कौन बना है?

मध्यप्रदेश सरकार ने सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस बिनोद कुमार द्विवेदी को REAT का नया चेयरमैन नियुक्त किया है।

REAT क्या है?

REAT (Real Estate Appellate Tribunal) एक अपीलीय अधिकरण है, जो RERA और न्यायनिर्णायक अधिकारी के आदेशों के खिलाफ दायर अपीलों की सुनवाई करता है।

जस्टिस द्विवेदी का कार्यकाल कितना होगा?

उनका कार्यकाल कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से 5 वर्ष या 67 वर्ष की आयु, जो पहले हो, तक रहेगा।

REAT का गठन किस कानून के तहत हुआ है?

इसका गठन रियल एस्टेट (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 (RERA Act, 2016) के तहत किया गया है।

REAT का मुख्य कार्य क्या है?

REAT, मध्यप्रदेश RERA और न्यायनिर्णायक अधिकारी के आदेशों के विरुद्ध दायर अपीलों पर सुनवाई कर निर्णय देता है।