खांडू के परिजनों को सरकारी ठेके : सीबीआई जांच के अनुरोध वाली याचिका पर न्यायालय का फैसला सुरक्षित
खांडू के परिजनों को सरकारी ठेके : सीबीआई जांच के अनुरोध वाली याचिका पर न्यायालय का फैसला सुरक्षित
नयी दिल्ली, 17 फरवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू के परिवार के सदस्यों के स्वामित्व वाली कंपनियों को सार्वजनिक निर्माण कार्यों के ठेके दिए जाने की सीबीआई जांच के अनुरोध वाली याचिका पर अपना फैसला मंगलवार को सुरक्षित रख लिया।
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति एन वी अंजारिया की पीठ ने फैसला सुरक्षित रखते हुए कहा कि पक्षकारों के वकील दो सप्ताह के भीतर अपनी लिखित दलीलें प्रस्तुत कर सकते हैं।
याचिकाकर्ता गैर सरकारी संगठनों ‘सेव मोन रीजन फेडरेशन’ और ‘वॉलंटरी अरुणाचल सेना’ की ओर से पेश हुए अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने अरुणाचल प्रदेश द्वारा हाल ही में दायर हलफनामे का हवाला देते हुए तर्क दिया कि कई ठेके मुख्यमंत्री के परिवार के सदस्यों के स्वामित्व वाली कंपनियों को दिए गए थे।
भूषण ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में निविदा के माध्यम से इन चार कंपनियों को 1,270 करोड़ रुपये के ठेके दिए गए थे।
भूषण ने आरोप लगाया, ‘‘पिछले 10 वर्षों में लगभग 1,270 करोड़ रुपये के कुल कार्यों के ठेके इन चार फर्मों को दिए गए, जो या तो सीधे मुख्यमंत्री, या उनकी पत्नी, या उनकी मां, या उनके भाई से संबंधित हैं।’’
उन्होंने तर्क दिया कि पिछले 10 वर्षों में राज्य में दिए गए कुल ठेकों के मूल्य का लगभग तीन प्रतिशत हिस्सा केवल इन चार फर्मों को ही दिया गया था।
भूषण ने कहा, ‘‘सीबीआई जांच होनी चाहिए। इसमें भ्रष्टाचार की बू आ रही है।’’
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य पुलिस निष्पक्ष रूप से मामले की जांच नहीं कर पाएगी।
मामले में फैसला सुरक्षित रखते हुए, पीठ ने कहा कि पक्षकारों के वकील दो सप्ताह के भीतर अपना लिखित विवरण प्रस्तुत कर सकते हैं।
पिछले साल दो दिसंबर को, उच्चतम न्यायालय ने अरुणाचल प्रदेश सरकार को 2015 से 2025 तक दिए गए ठेकों का विस्तृत हलफनामा दाखिल करने को कहा था, जिसमें मुख्यमंत्री के परिवार के सदस्यों की कंपनियों को दिए गए ठेके भी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री खांडू को जनहित याचिका में प्रतिवादी बनाया गया है।
पेमा खांडू के पिता दोरजी खांडू की दूसरी पत्नी रिनचिन ड्रेमा और उनके भतीजे त्सेरिंग ताशी को भी मामले में पक्षकार बनाया गया है।
दोरजी खांडू 2007 से लेकर अप्रैल 2011 में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में अपनी मृत्यु तक अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री थे।
याचिका में दावा किया गया कि हितों के स्पष्ट टकराव के बावजूद ड्रेमा की कंपनी ‘ब्रांड ईगल्स’ को बड़ी संख्या में सरकारी ठेके दिए गए थे।
भाषा
नेत्रपाल अविनाश
अविनाश

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