केरल में सरकारी चिकित्सकों का आंदोलन तेज, सोमवार को डीएमई कार्यालय तक मार्च निकालने की घोषणा

केरल में सरकारी चिकित्सकों का आंदोलन तेज, सोमवार को डीएमई कार्यालय तक मार्च निकालने की घोषणा

केरल में सरकारी चिकित्सकों का आंदोलन तेज, सोमवार को डीएमई कार्यालय तक मार्च निकालने की घोषणा
Modified Date: February 28, 2026 / 01:16 pm IST
Published Date: February 28, 2026 1:16 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 28 फरवरी (भाषा) केरल में सरकारी चिकित्सकों के एक वर्ग ने सोमवार को चिकित्सा शिक्षा निदेशक (डीएमई) के कार्यालय तक मार्च निकालने की घोषणा की और आरोप लगाया कि अधिकारी उनके अनिश्चितकालीन आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रहे हैं।

‘केरल गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन’ (केजीएमसीटीए) ने शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा कि राज्य सरकार की ओर से सेवा शर्तों और वेतन विसंगतियों से जुड़े मुद्दों के समाधान में कथित उदासीनता के कारण उसने आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है।

एसोसिएशन की राज्य इकाई के अध्यक्ष डॉ. रोसनआरा बेगम ने कहा कि समझौते की दिशा में पहल करने के बजाय आंदोलन को दबाने के प्रयासों के विरोध में सोमवार को डीएमई कार्यालय तक मार्च निकाला जाएगा।

एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेज के शिक्षकों की शिकायतों से अवगत होने के बावजूद डीएमई मुद्दों के समाधान में पहल करने के बजाय हड़ताल रोकने के प्रयास के तहत प्राचार्यों, विभागाध्यक्षों और चिकित्सकों पर दबाव बना रहा है।

आंदोलन को तेज करते हुए मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने शिक्षण और मरीजों की देखभाल के अतिरिक्त प्रशासनिक जिम्मेदारियां छोड़ने तथा ऐसे पदों से सामूहिक इस्तीफा देने का निर्णय लिया है।

बयान के अनुसार छात्रावास अधीक्षक, नोडल अधिकारी और शैक्षणिक समन्वयक जैसे अतिरिक्त पदों की कॉलेज-वार सूची सोमवार को डीएमई को सौंपी जाएगी।

केजीएमसीटीए ने कहा कि अनशन 33वें दिन में प्रवेश कर चुका है, जबकि बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) सेवाओं और शैक्षणिक गतिविधियों का बहिष्कार किए हुए आज 12वां दिन है।

केजीएमसीटीए राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सकों का प्रतिनिधित्व करने वाला एक प्रभावशाली संगठन है।

भाषा खारी शोभना

शोभना


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