तिरुवनंतपुरम, तीन सितंबर (भाषा) केरलम के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य सरकार सरकारी चिकित्सकों को निजी प्रैक्टिस करने की इजाजत नहीं देगी।
चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस के बारे में चिकित्सा शिक्षा निदेशक (डीएमई) द्वारा बुलाई गई बैठक से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए मुरलीधरन ने कहा कि सरकार की तरफ से ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘निजी प्रैक्टिस की इजाजत देना सरकार की नीति नहीं है। हमें ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं मिला है और न ही हमने इस विषय पर कोई चर्चा की है।’’
मुरलीधरन के मुताबिक डीएमई ने इस साल फरवरी में पिछली सरकार के जारी किए गए एक परिपत्र के आधार पर बैठक आयोजित करने की बात कही थी।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने कहा कि अधिकारियों को मौजूदा सरकार के सत्ता में आने के बाद से जारी निर्देशों का पालन करना चाहिए। फरवरी में जारी परिपत्र की सितंबर में कोई अहमियत नहीं है।’’
मंत्री ने कहा, ‘‘इसलिए हम निजी प्रैक्टिस को कभी मंजूरी नहीं देंगे। हमें इसके लिए कोई अनुरोध नहीं मिला है और न ही केरलम में ऐसी कोई परिस्थिति है जिसके लिए निजी प्रैक्टिस की जरूरत हो।’’
जब उनसे पूछा गया कि क्या विभाग के अधिकारी उन्हें परेशान कर रहे हैं तो मुरलीधरन ने कहा, ‘‘यह सब जल्द सुलझा लिया जाएगा।’’
भाषा सुरभि मनीषा
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