सरकार गैर निर्धारित विमानन परिचालकों और अनियंत्रित हवाई क्षेत्रों का ‘गहन अध्ययन’ कर रही है: नायडू

सरकार गैर निर्धारित विमानन परिचालकों और अनियंत्रित हवाई क्षेत्रों का 'गहन अध्ययन' कर रही है: नायडू

सरकार गैर निर्धारित विमानन परिचालकों और अनियंत्रित हवाई क्षेत्रों का ‘गहन अध्ययन’ कर रही है: नायडू
Modified Date: February 15, 2026 / 03:58 pm IST
Published Date: February 15, 2026 3:58 pm IST

नयी दिल्ली, 15 फरवरी (भाषा) नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा कि सरकार गैर-निर्धारित ऑपरेटर और अनियंत्रित हवाई पट्टियों द्वारा किए जा रहे उड़ान संचालन का ‘गहन अध्ययन’ कर रही है, ताकि यह देखा जा सके कि किन क्षेत्रों में कदम उठाने की आवश्यकता है।

गत 28 जनवरी को वीएसआर वेंचर्स के स्वामित्व वाले ‘लियरजेट 45’ विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद गैर-निर्धारित परिचालकों के उड़ान संचालन नियामक जांच के घेरे में आ गए हैं।

इस दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की मौत हो गई थी।

नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने इस महीने की शुरुआत में ही एनएसओपी का एक विशेष सुरक्षा ऑडिट शुरू कर दिया है।

नायडू ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि नागर विमानन मंत्रालय एनएसओपी के साथ-साथ अनियंत्रित हवाई पट्टियों का भी ‘गहन अध्ययन’ कर रहा है।

उन्होंने कहा कि एनएसओपी और अनियंत्रित हवाई पट्टियों के संबंध में जहां भी सुधार की आवश्यकता होगी, उन पहलुओं की जांच की जाएगी।

इस साल, 28 जनवरी को लियरजेट 45 विमान बारामती हवाई अड्डे के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।

एनएसओपी आमतौर पर वे संस्थाएं होती हैं, जिनकी उड़ानों की कोई निश्चित समय-सारणी नहीं होती और वे मुख्य रूप से विशेष उड़ानों का संचालन करती हैं।

बारामती एक अनियंत्रित हवाई पट्टी है, जहां यातायात संबंधी जानकारी वहां मौजूद उड़ानों का प्रशिक्षण देने वाले संस्थानों के प्रशिक्षकों या पायलटों द्वारा प्रदान की जाती है।

इस बीच, इस सप्ताह एक कार्यक्रम से इतर ‘पीटीआई-भाषा’ से बात करते हुए मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार का ध्यान कम परिचालन वाली एयरलाइनों को बढ़ावा देने पर है।

भाषा प्रचेता दिलीप

दिलीप


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