नयी दिल्ली, दो जून (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा अधिसूचित आप्रवास और विदेशियों विषयक नियम, 2025 में किए गए संशोधनों के अनुसार 180 दिन या उससे कम अवधि के वीजा पर भारत आने वाले विदेशी अगर वीजा अवधि समाप्त होने पर आगे ठहरने की इच्छा रखते हैं तो उन्हें ‘‘उक्त 180 दिन की अवधि की समाप्ति से पहले किसी भी समय’’ अपना पंजीकरण कराना होगा।
सोमवार को अधिसूचित नया प्रावधान उस पूर्व नियम का स्थान लेगा जिसमें भारत में आगमन के 180 दिन की समाप्ति के 14 दिन के भीतर पंजीकरण अनिवार्य था।
राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना में कहा गया है, ‘‘… आप्रवास और विदेशियों विषयक नियम, 2025 (जिसे आगे उक्त नियम कहा गया है), नियम 12 में उप-नियम (1) में तीसरे प्रावधान में ‘भारत में आगमन के 180 दिन की समाप्ति के 14 दिन के भीतर’ शब्दों के स्थान पर ‘उक्त 180 दिन की अवधि की समाप्ति से पहले किसी भी समय’ शब्द का प्रयोग किया जाएगा।’’
जिन विदेशी नागरिकों को 180 दिन से अधिक की अवधि के लिए वीजा दिया गया है और जिनके वीजा पर यह शर्त है कि ‘‘प्रत्येक प्रवास 180 दिन से अधिक नहीं होगा’’ और जो किसी एक बार में या पूरे कैलेंडर वर्ष में इस अवधि से अधिक समय तक भारत में रहना चाहते हैं, उन्हें ‘‘180 दिन की समाप्ति से पहले कभी भी’’ पंजीकरण कराना होगा। नए नियम में अब यह स्पष्ट कर दिया गया है कि ऐसा पंजीकरण अब ‘‘केवल आपातकालीन परिस्थितियों में ही’’ दिया जाएगा।
नए नियमों में उन बच्चों को भी थोड़ी राहत दी गई है जिनके माता-पिता में से कोई एक या दोनों विदेशी नागरिक हैं।
पहले के नियमों के अनुसार, ऐसे मामलों में बच्चे के जन्म के बाद माता-पिता को नए वीजा और देश छोड़ने की अनुमति सहित वीजा सेवाओं का लाभ उठाने के लिए निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल या मोबाइल ऐप्लिकेशन पर 30 दिन के भीतर पंजीकरण अधिकारी को इलेक्ट्रॉनिक रूप से सूचित करना होता था।
अधिसूचना के अनुसार, यह उप-नियम उन मामलों में लागू नहीं होगा जहां माता-पिता में से कोई एक भारतीय नागरिक है और वे बच्चे की भारतीय नागरिकता बनाए रखना चाहते हैं।
भाषा सुरभि खारी
खारी