सरकार नरेला में इंदिरा गांधी विवि के नए परिसर की स्थापना की दिशा में काम कर रही:रेखा गुप्ता

सरकार नरेला में इंदिरा गांधी विवि के नए परिसर की स्थापना की दिशा में काम कर रही:रेखा गुप्ता

सरकार नरेला में इंदिरा गांधी विवि के नए परिसर की स्थापना की दिशा में काम कर रही:रेखा गुप्ता
Modified Date: August 27, 2026 / 08:15 pm IST
Published Date: August 27, 2026 8:15 pm IST

नयी दिल्ली, 27 अगस्त (भाषा) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी सरकार इंदिरा गांधी दिल्ली महिला तकनीकी विश्वविद्यालय (आईजीडीटीयूडब्ल्यू) को नरेला में प्रस्तावित शिक्षा केंद्र में एक नया परिसर प्रदान करने की दिशा में काम कर रही है।

विश्वविद्यालय के ‘प्रबोधन’ परिचय कार्यक्रम-2026 के समापन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रस्तावित परिसर में और अधिक छात्राएं उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगी।

उन्होंने कहा, ‘‘हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि सिर्फ 1,000 नहीं, बल्कि दिल्ली और देश भर से बड़ी संख्या में छात्राएं यहां पढ़ सकें।’’

गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार आईजीडीटीयूडब्ल्यू को नरेला में प्रस्तावित शिक्षा केंद्र में एक नया परिसर प्रदान करने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रही है।

कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय में एक अत्याधुनिक व्याख्यान कक्ष परिसर का भी उद्घाटन किया गया। दिल्ली सरकार के अधिकारियों के अनुसार, परिसर को शिक्षण, संवाद और ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है।

उपराज्यपाल एवं आईजीडीटियूडबल्यू के कुलाधिपति तरनजीत सिंह संधू ने कहा कि महिलाओं को तकनीकी शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाना न केवल उनके व्यक्तिगत विकास के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह देश के विकास और नेतृत्व में महिलाओं की भागीदारी को भी मजबूत करता है।

उन्होंने कहा, “छात्राएं भविष्य के भारत को आकार देने की तैयारी कर रही हैं। उनकी पीढ़ी के पास ऐसी तकनीकों को विकसित करने और आकार देने का अवसर है, जो स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, कृषि, विनिर्माण, शासन और दैनिक जीवन के लगभग हर क्षेत्र में व्यापक बदलाव ला सकती हैं। इसलिए उनकी जिम्मेदारी केवल तकनीक के उपयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें प्रौद्योगिकी की सृजनकर्ता और नवाचारी बनकर देश के भविष्य को नई दिशा देनी है।”

छात्राओं को संबोधित करते हुए गुप्ता ने कहा, ‘‘आज छात्राओं के लिए एक नई यात्रा शुरू हो रही है। एक ऐसी यात्रा जो एक ही समय में उत्साह और चिंता पैदा कर सकती है। लेकिन मुझे यकीन है कि आज की लड़कियां अपने सपनों को पूरा करने में सक्षम हैं।’’

साल 2013 में स्थापित, आईजीडीटीयूडब्ल्यू एशिया का पहला सरकार द्वारा संचालित महिला तकनीकी विश्वविद्यालय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसने इस धारणा को चुनौती दी कि तकनीकी शिक्षा पुरुष-प्रधान क्षेत्र है।

गुप्ता ने कहा कि छात्राओं को केवल मौजूदा तकनीक का इस्तेमाल करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और नई तकनीकों की निर्माता बनकर भविष्य के समाधान तैयार करने चाहिए।

उन्होंने छात्राओं से जिज्ञासा, साहस और चरित्र को अपनी ताकत बनाने तथा केवल नौकरी तलाशने वाली नहीं, बल्कि नौकरी के अवसर पैदा करने वाली बनने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आईजीडीटीयूडबल्यू जैसे संस्थान तकनीकी क्षेत्र में महिलाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रहे हैं और महिलाओं की अगुवाई में विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, ‘नेत्र-नारी-नेत्रित्व’ पहल के तहत, दिल्ली पुलिस के लिए 75 निगरानी ड्रोन विकसित और प्रदर्शित किए हैं।

इसमें बताया कि सरकार ने उन्नत ड्रोन प्रौद्योगिकी के लिए उत्कृष्टता केंद्र को लगभग आठ करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की है और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में एक उत्कृष्टता केंद्र भी स्थापित किया है।

उसने बताया कि हाल में हुए रोजगार चयन सत्र में आईजीडीटीयूडब्ल्यू की छात्राओं को 1,000 से अधिक नौकरी के प्रस्ताव मिले, जबकि सबसे अधिक वार्षिक वेतन पैकेज एक करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि आईजीडीटीयूडब्ल्यू ने नवाचार और प्रौद्योगिकी में अपना नाम स्थापित किया है।

मंत्री ने कहा, ‘‘हमें यह समझने की जरूरत है कि पितृसत्ता क्या है। हम ‘हैशटैग’ के जरिए पितृसत्ता को खत्म नहीं कर सकते। यह तब टूटेगी जब आईजीडीटीयूडब्ल्यू की बेटियां कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बैठेंगी और भारत की सुरक्षा प्रणाली के लिए ‘एआई एल्गोरिदम’ लिखेंगी।’’

इस कार्यक्रम में ‘आईजीडीटीयूडब्ल्यू टाइम्स’ का अनावरण भी किया गया। इसमें विश्वविद्यालय की यात्रा और इसकी छात्राओं की उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी गई है।

भाषा नोमान नोमान नरेश

नरेश


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