केरल के राज्यपाल, आंध्र और असम के मुख्यमंत्रियों ने राष्ट्रपति मुर्मू को जन्मदिन पर शुभकामनाएं दीं

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केरल के राज्यपाल, आंध्र और असम के मुख्यमंत्रियों ने राष्ट्रपति मुर्मू को जन्मदिन पर शुभकामनाएं दीं

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  • Publish Date - June 20, 2026 / 03:20 PM IST,
    Updated On - June 20, 2026 / 03:20 PM IST

तिरुवनंतपुरम/अमरावती/गुवाहाटी, 20 जून (भाषा) केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने शनिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं दीं तथा उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना की।

आर्लेकर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “मैं भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी को उनके जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। मैं उनके अच्छे स्वास्थ्य, खुशियों और लंबे जीवन की प्रार्थना करता हूं, ताकि वह अपनी बुद्धिमत्ता, गरिमा और राष्ट्र सेवा के प्रति अनुकरणीय समर्पण के साथ देश का नेतृत्व करती रहें।”

भारत की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति मुर्मू शनिवार को 68 वर्ष की हो गईं।

मुख्यमंत्री नायडू ने कहा कि राष्ट्रपति का जीवन और उनकी जनसेवा देशभर में लाखों लोगों को लगातार प्रेरित करती है।

उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “भारत की माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं।”

नायडू ने मुर्मू के अच्छे स्वास्थ्य और राष्ट्र सेवा में निरंतर सफलता की कामना की।

वहीं, शर्मा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी जीवन यात्रा दृढ़ता, लोकतंत्र और समावेशिता की शक्ति का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि मुर्मू की सामाजिक न्याय और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता देश के लिए प्रेरणा है।

शर्मा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी को उनके जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएं।”

उन्होंने कहा, “गरिमा, बुद्धिमत्ता और सम्मान की प्रतीक मुर्मू का राष्ट्र निर्माण के प्रयासों के लिए सभी दल सम्मान करते हैं। हमारी सर्वोच्च कमांडर की जीवनयात्रा दृढ़ता, लोकतंत्र और समावेशिता की शक्ति का एक गहरा प्रमाण है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘सामाजिक न्याय और जनसेवा के प्रति मुर्मू की अटूट प्रतिबद्धता हमारे महान गणराज्य को प्रेरित करती है। उनका मार्गदर्शन देश को प्रगति और समृद्धि की नयी ऊंचाई की ओर ले जाता रहे। मैं मां कामाख्या और श्रीमंत शंकरदेव से उनके लंबे और स्वस्थ जीवन के लिए प्रार्थना करता हूं।”

भाषा जितेंद्र नेत्रपाल

नेत्रपाल