आइजोल, 13 जनवरी (भाषा) मिजोरम के राज्यपाल विजय कुमार सिंह ने मंगलवार को राजनीतिक अस्थिरता और निर्वाचित सदस्यों द्वारा बार-बार निष्ठा बदलने का हवाला देते हुए चकमा स्वायत्त जिला परिषद (सीएडीसी) को अगले छह महीनों के लिए राज्यपाल शासन के अधीन कर दिया।
यह फैसला सत्तारूढ़ जोरम पीपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम) के पांच सदस्यों के भाजपा में शामिल होने के कुछ दिनों बाद आया है, जबकि जेडपीएम ने पहले बहुमत का दावा किया था और राज्यपाल से 20 सदस्यीय परिषद में अपना बहुमत साबित करने के लिए विश्वास मत परीक्षण का आदेश देने का अनुरोध किया था।
राज्य के जिला परिषद एवं अल्पसंख्यक मामलों के विभाग द्वारा राज्यपाल के हवाले से जारी एक अधिसूचना में कहा गया है कि मंत्रिपरिषद ने राज्यपाल को यह सलाह दी थी कि दावेदार को अपना बहुमत साबित करने का अवसर दिया जाए और यह भी टिप्पणी की थी कि पिछले छह महीनों से कोई राजनीतिक अस्थिरता नहीं रही है, लेकिन निर्वाचित सदस्यों द्वारा बार-बार दल बदलने (पाला बदलने) के कारण राज्यपाल शासन को आगे बढ़ाना आवश्यक हो गया है।
अधिसूचना में कहा गया, ‘राज्यपाल का मानना है कि जांच आयोग द्वारा रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने तक और सीएडीसी के निर्वाचित एमडीसी द्वारा राजनीतिक निष्ठा में बार-बार बदलाव किये जाने के कारण राज्यपाल शासन को और आगे बढ़ाना उचित है।’
राज्यपाल ने लॉंग्टलाई को कार्यवाहक उपायुक्त भी नियुक्त किया है जो सात जनवरी से अगले छह महीनों के लिए उनकी ओर से सीएडीसी में निहित सभी कार्यों या शक्तियों का प्रयोग करेंगे।
भाषा
शुभम संतोष
संतोष