गोविंदपुरी आग हादसा: पड़ोसियों के कानों में गूंज रही खिड़कियों से आती ‘बचाओ-बचाओ’ की चीखें
गोविंदपुरी आग हादसा: पड़ोसियों के कानों में गूंज रही खिड़कियों से आती ‘बचाओ-बचाओ’ की चीखें
( तस्वीरों सहित )
नयी दिल्ली, 12 जून (भाषा) दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के गोविंदपुरी में बृहस्पतिवार देर रात पांच मंजिला एक रिहायशी इमारत में लगी आग के दौरान घने धुएं और आग की लपटों के बीच कुछ निवासी साड़ियों के सहारे खिड़कियों से बाहर निकले जबकि कुछ ने बचने की हताश कोशिश में छत से मदद के लिए आवाज लगाई।
पुलिस ने बताया कि तुगलकाबाद एक्सटेंशन स्थित रिहायशी इमारत में देर रात करीब ढाई बजे लगी आग में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई और दो अन्य गंभीर रूप से झुलस गए।
पड़ोसियों ने आग लगने के दौरान मची घबराहट, दहशत और हताशा के मंजर को बयां किया।
पास ही रहने वाले राजन ने बताया कि सबसे पहले देर रात करीब दो बजे धुआं दिखाई दिया और जल्द ही तंग गली में फैल गया।
उन्होंने ‘पीटीआई-वीडियो’ सेवा को बताया, “हमने आग बुझाने की कोशिश की लेकिन इमारत के अंदर खड़े दोपहिया वाहन पहले ही आग की चपेट में आ चुके थे। वहां ज्वलनशील सामान होने की वजह से आग पूरी इमारत में तेजी से फैल गई।”
पड़ोसियों ने बताया कि जैसे-जैसे इमारत में धुआं तेजी से फैला, अंदर फंसे लोगों के पास बाहर निकलने के लिए दूसरे रास्ते खोजने के अलावा कोई चारा नहीं बचा था।
राजन ने बताया, “लोगों ने साड़ियों का इस्तेमाल कर खिड़कियों से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। कई लोग इमारत के पिछले दरवाजे से बाहर निकलने में कामयाब रहे।”
एक अन्य पड़ोसी सुमन ने बताया कि जैसे-जैसे आग की लपटें तेज हुईं, छत से लोगों के मदद के लिए चिल्लाने की आवाजें सुनाई देने लगीं।
उन्होंने बताया, “वे छत से ‘हमें बचाओ’ चिल्ला रहे थे लेकिन कोई भी इमारत के अंदर नहीं जा सका क्योंकि आग पूरी तरह फैल चुकी थी।”
पुलिस के मुताबिक, “गोविंदपुरी थाने को देर रात करीब दो बजकर 31 मिनट पर आग लगने की सूचना मिली। जब इमारत में घना धुआं भर गया और कई लोग अंदर फंस गए, तो उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एक साथ मिलकर कोशिशें शुरू की गईं।”
पुलिस ने बताया कि आठ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल और एम्स के ट्रॉमा सेंटर भेजा गया।
पुलिस के मुताबिक, मृतकों की पहचान पंकज (28), उनकी मां गुड्डी (50) और बहन सोनी (20) के तौर पर हुई है।
पुलिस ने बताया कि ये सभी इमारत की तीसरी मंजिल पर रहते थे और परिवार के दो अन्य सदस्य 18 साल की एक युवती और उनकी 70 साल की नानी को गंभीर चोटें आईं।
इलाके की एक अन्य निवासी नीलू देवी ने बताया कि घने धुएं के कारण इलाके में कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था और धुआं आस-पास की इमारतों तक भी फैल गया।
उन्होंने ‘पीटीआई-वीडियो’ सेवा को बताया, “धुआं हमारी इमारत में भी घुस गया था। जैसे ही हमें इसका पता चला, हम अपने घरों से बाहर भाग निकले।”
नीलू ने बताया, “इस इमारत में रहने वाले ज्यादातर लोगों के अपने फ्लैट हैं। हो सकता है कि कुछ किराएदार भी हों, लेकिन ज्यादातक लोग अपने घरों के मालिक हैं।”
तुगलकाबाद एक्सटेंशन से आम आदमी पार्टी (आप) पार्षद चौधरी भागबीर ने कहा कि इस घटना के पीछे किसी गड़बड़ी का कोई संकेत नहीं मिला है।
उन्होंने कहा, “यह कहीं भी हो सकता है। यह एक हादसा था।”
भागबीर ने यह भी बताया कि आग में तीन लोगों की मौत हुई है।
पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया कि आग शायद इमारत के भूतल पर बिजली के शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी थी और आग लगने की असली वजह का पता लगाया जा रहा है।
भाषा जितेंद्र मनीषा
मनीषा

Facebook


