School Admission Age: सभी पैरेंट्स ध्यान दें! अब इतने साल बाद ही स्कूलों में करवा सकेंगे बच्चों का एडमिशन, प्राइवेट स्कूलों के लिए लागू होगा नियम

सभी पैरेंट्स ध्यान दें! अब इतने साल बाद ही स्कूलों में करवा सकेंगे बच्चों का एडमिशन, Govt Change School Admission Age Rule

School Admission Age: सभी पैरेंट्स ध्यान दें! अब इतने साल बाद ही स्कूलों में करवा सकेंगे बच्चों का एडमिशन, प्राइवेट स्कूलों के लिए लागू होगा नियम

School Admission Age. Image Source- IBC24

Modified Date: January 20, 2026 / 05:06 pm IST
Published Date: January 20, 2026 5:06 pm IST
HIGHLIGHTS
  • 2026-27 से कक्षा 1 में एडमिशन के लिए 6 साल की उम्र अनिवार्य
  • NEP 2020 और हाईकोर्ट के निर्देश के तहत नियमों में बदलाव
  • सभी सरकारी और निजी स्कूलों पर समान रूप से लागू होगा नियम

चंडीगढ़ः School Admission Age अगर आपके बच्चे को 6 साल पूरे होने में एक दिन भी शेष है तो अब स्कूलों में दाखिला नहीं मिलेगा। सरकार ने कक्षा एक में भर्ती के लिए 6 साल की उम्र निर्धारित की है। इससे पहले 5 साल 6 महीने की उम्र में भी बच्चों को कक्षा 1 में प्रवेश दिया जाता था, लेकिन अब इस व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है। यह फैसला राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के हालिया निर्देशों के अनुपालन में लिया गया है।

School Admission Age: शिक्षा विभाग का मानना है कि इस बदलाव से बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा को एक समान, व्यवस्थित और मजबूत बनाया जा सकेगा। हरियाणा शिक्षा नियम, 2011 में संशोधन करते हुए यह अहम परिवर्तन किया गया है। NEP 2020 में 5+3+3+4 का शैक्षणिक ढांचा निर्धारित किया गया है, जिसके तहत पहले 5 साल फाउंडेशनल स्टेज माने गए हैं। इसमें तीन साल प्री-स्कूल (आंगनवाड़ी या बालवाटिका) और इसके बाद कक्षा 1 व 2 शामिल हैं। कक्षा 1 के लिए 6 साल की न्यूनतम उम्र तय होने से इस ढांचे को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि 6 वर्ष की आयु में बच्चे मानसिक और शारीरिक रूप से स्कूल के माहौल, अनुशासन और पढ़ाई के दबाव को बेहतर तरीके से समझ पाते हैं। इससे कम उम्र के बच्चों पर पढ़ाई का अनावश्यक बोझ भी नहीं पड़ेगा।

हाईकोर्ट ने दिया था ये अहम आदेश (Class 1 Admission New Rule India)

इस फैसले के पीछे हाईकोर्ट का आदेश भी अहम कारण है। दिविशा यादव बनाम हरियाणा सरकार मामले में अदालत ने स्पष्ट किया था कि राज्य के शिक्षा नियम केंद्र सरकार की शिक्षा नीति के अनुरूप होने चाहिए। इसके बाद सरकार ने नियमों में स्पष्ट बदलाव किया। नए नियमों के अनुसार, जो बच्चे 6 साल की उम्र पूरी नहीं करेंगे, उन्हें कक्षा 1 के बजाय बालवाटिका या प्रीपरेटरी क्लास में दाखिला दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि समान उम्र के बच्चों के साथ पढ़ने से उनका सामाजिक विकास बेहतर होगा और पढ़ाई में अनावश्यक प्रतिस्पर्धा भी कम होगी।

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प्राइवेट स्कूलों के लिए लागू होगा यही नियम (School Admission Rules)

यह नियम सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी सभी स्कूलों पर समान रूप से लागू होगा। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि सत्र 2026-27 से उम्र में किसी भी तरह की छूट नहीं दी जाएगी। हरियाणा स्कूल शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और निजी स्कूलों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। स्कूलों को अपने एडमिशन नोटिस और जानकारी में नई उम्र सीमा स्पष्ट रूप से दर्शाने के आदेश दिए गए हैं, ताकि अभिभावक समय रहते बच्चों की पढ़ाई की योजना बना सकें।

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सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।