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वडोदरा (गुजरात), आठ सितंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि सरकार प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के परिवारों पर शुल्क के बोझ को कम करने के लिए निशुल्क ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने पर काम कर रही है।
‘नमो फॉर विकसित भारत’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में की गई घोषणा का जिक्र किया। इस कार्यक्रम में उन्होंने 35,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
मोदी ने कहा, ‘‘आप जानते हैं कि लाखों युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। हर साल हमारे परिवारों की कमाई का एक बड़ा हिस्सा इन छात्रों की कोचिंग पर खर्च हो जाता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों के परिवारों का पैसा बचाना चाहते हैं। इसलिए सरकार निशुल्क ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ रही है, ताकि हमारे युवा भारत के बेहतरीन शिक्षकों के मार्गदर्शन में तैयारी कर सकें। इस कोचिंग व्यवस्था की निगरानी खुद सरकार करेगी।’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि बदलती वैश्विक जरूरतों के साथ शिक्षा के प्रति दृष्टिकोण भी बदल गया है और अब डिग्री के साथ-साथ कौशल को भी समान महत्व दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से सरकार शिक्षा नीति और संस्थानों में बदलाव कर रही है।
उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) में विशेषज्ञता केवल आईटी क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसका इस्तेमाल कृषि, स्वास्थ्य सेवा, विनिर्माण और रोबोटिक्स से जुड़े स्टार्टअप में भी किया जा सकता है।
मोदी ने कहा कि भारत ‘‘असाधारण दौर’’ से गुजर रहा है और उन्होंने युवाओं से 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
भाषा आशीष दिलीप
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