सरकार नियम 267 के तहत चर्चा नहीं करा रही, इसलिए राज्यसभा में गतिरोध : जयराम रमेश
सरकार नियम 267 के तहत चर्चा नहीं करा रही, इसलिए राज्यसभा में गतिरोध : जयराम रमेश
नयी दिल्ली, 22 जुलाई (भाषा) कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बुधवार को आरोप लगाया कि राज्यसभा में जारी गतिरोध का कारण यह है कि सरकार नियम 267 के तहत छात्रों पर पुलिस कार्रवाई जैसे मुद्दों पर चर्चा कराने से लगातार इनकार कर रही है।
रमेश ने कहा कि राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में विभिन्न विपक्षी दलों ने नियम 267 के तहत नोटिस देकर 20 जुलाई को शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस द्वारा बल प्रयोग के मुद्दे पर तत्काल चर्चा कराने और दिन की निर्धारित कार्यवाही स्थगित करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि नोटिस में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया तथा आंसू गैस, पैलेट गन, बिजली के झटके देने वाले डंडों और पानी की बौछार का इस्तेमाल किया।
कांग्रेस नेता ने कहा कि नोटिस में 21 जुलाई को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं के साथ कथित धक्का-मुक्की तथा उन्हें पुलिस द्वारा सड़क पर घसीटे जाने के आरोपों पर भी चर्चा कराने की मांग भी की गई है।
रमेश ने कहा कि विपक्ष प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की छात्रों के प्रदर्शन तथा पुलिस कार्रवाई पर ‘‘चुप्पी’’ और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा नहीं देने के मुद्दे पर भी चर्चा चाहता है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष देशभर के युवाओं में शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को लेकर बढ़ती निराशा और हताशा पर भी सदन में चर्चा कराना चाहता है।
कांग्रेस महासचिव ने कहा, ‘‘राज्यसभा में गतिरोध इसलिए है क्योंकि सरकार नियम 267 के तहत इस चर्चा को कराने से लगातार इनकार कर रही है।’’
राज्यसभा के नियम 267 के तहत कोई सदस्य दिन की पूर्व निर्धारित कार्यवाही स्थगित कर अत्यावश्यक जनहित के किसी विषय पर सभापति की अनुमति से चर्चा कराने के लिए लिखित नोटिस दे सकता है।
संसद के मानसून सत्र की शुरुआत सोमवार से होने के बाद से राज्यसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित हो चुकी है। विपक्षी सदस्य ‘नीट’ परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाने का प्रयास कर रहे हैं।
भाषा मनीषा माधव
माधव

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