Contract Employees Regularisation: स्वास्थ्य विभाग के संविदा कर्मचारियों को नियमित करने का ऐलान, कई सालों से कर रहे थे मांग, अब सरकार ने दिया तोहफा

स्वास्थ्य विभाग के संविदा कर्मचारियों को नियमित करने का ऐलान, Govt Regularized Contract Employees of Health Department

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  • Publish Date - January 11, 2026 / 05:09 PM IST,
    Updated On - January 11, 2026 / 05:23 PM IST

Govt Regularized Contract Employees. Image Source- IBC24

शिलांग Govt Regularized Contract Employees मेघालय सरकार ने लंबे समय से संविदा पर कार्यरत नर्सों और पैरामेडिक कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। राज्य मंत्रिमंडल ने बीतें दिनों वर्ष 2008 से 2012 के बीच नियुक्त 221 संविदा नर्सों और पैरामेडिक कर्मियों की सेवाओं को नियमित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा ने बताया कि इन कर्मचारियों की नियुक्तियों को लेकर पहले दोबारा भर्ती का प्रस्ताव था, क्योंकि 2007 के बाद की गई कई नियुक्तियों को तदर्थ माना जा रहा था। इस सूची में स्वास्थ्य विभाग के संविदा कर्मचारी भी शामिल थे। Contract Employees Regularisation

Govt Regularized Contract Employees उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा, संविदा कर्मचारियों से परामर्श और नियुक्ति से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि इन नर्सों और पैरामेडिक कर्मियों की भर्ती निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की गई थी। इसी आधार पर कैबिनेट ने उनकी नियुक्तियों को वैध मानते हुए नियमित करने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस फैसले के बाद संबंधित पदों पर नई भर्ती की आवश्यकता नहीं होगी। इस निर्णय से वर्षों से संविदा पर कार्य कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों को स्थायित्व मिलेगा और उनके भविष्य को लेकर बनी अनिश्चितता समाप्त होगी।

मानसिक स्वास्थ्य सेवा नियमों को भी मंजूरी

Contract Employees Regularisation इन पदों के लिए अब नई भर्ती की आवश्यकता नहीं होगी। मंत्रिमंडल ने मेघालय मानसिक स्वास्थ्य सेवा नियमों को भी मंजूरी दे दी, जो मानसिक स्वास्थ्य सेवा, पुनर्वास और संबद्ध गतिविधियों से संबंधित संस्थानों के लिए एक नियामक ढांचा प्रदान करेंगे। इसने मेघालय न्यायिक सेवा नियम 2006 और मेघालय उच्चतर न्यायिक सेवा नियम 2015 में संशोधन को भी हरी झंडी दे दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यायपालिका की सिफारिशों के आधार पर न्यायिक सेवा के अभ्यर्थियों के लिए अब खासी या गारो भाषा का ज्ञान अनिवार्य होगा। जल जीवन मिशन के तहत 700 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी करने में देरी पर संगमा ने कहा कि भारत सरकार ने केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा अनिवार्य किए गए राष्ट्रव्यापी ऑडिट लंबित रहने तक सभी राज्यों को भुगतान रोक दिया है। Contract Employees Regularisation

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