आर्थिक स्थिरीकरण कोष की मदद से वैश्विक चुनौतियों से निपटेगी सरकार: सीतारमण

आर्थिक स्थिरीकरण कोष की मदद से वैश्विक चुनौतियों से निपटेगी सरकार: सीतारमण

आर्थिक स्थिरीकरण कोष की मदद से वैश्विक चुनौतियों से निपटेगी सरकार: सीतारमण
Modified Date: March 13, 2026 / 03:06 pm IST
Published Date: March 13, 2026 3:06 pm IST

नयी दिल्ली, 13 मार्च (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि एक लाख करोड़ रुपये का आर्थिक स्थिरीकरण कोष (इकोनॉमिक स्टेबिलाइज़ेशन फंड) भारत को वैश्विक मुश्किलों का सामना करने के लिए वित्तीय मजबूती प्रदान करेगा।

लोकसभा में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अनुदान की अनुपूरक मांगों के दूसरे बैच पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि यह कोष पश्चिम एशिया में मौजूदा संकट जैसी आकस्मिक वैश्विक चुनौतियों से लगने वाले झटकों को झेलने के लिए एक ‘बफर’ के तौर पर काम करेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘एक लाख करोड़ रुपये का आर्थिक स्थिरीकरण कोष भारत को वैश्विक मुश्किलों का सामना करने के लिए वित्तीय सुदृढ़ता देगा।’’

अनुदान की अनुपूरक मांगों के दूसरे बैच के ज़रिए, सरकार ने मौजूदा वित्त वर्ष में 2.81 लाख करोड़ रुपये के सकल अतिरिक्त व्यय के लिए लोकसभा से मंजूरी मांगी है।

चालू वित्त वर्ष के लिए बजट में 80,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त प्राप्तियों के साथ, कुल अतिरिक्त नकदी व्यय 2.01 लाख करोड़ रुपये होगा।

सीतारमण ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राजकोषीय घाटा संशोधित अनुमानों (आरई) के भीतर होगा।

सीतारमण ने कहा कि किसानों के लिए उर्वरकों की कोई कमी नहीं होगी और अनुदान की अनुपूरक मांगों में इसका पूरा ध्यान रखा गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में अनुदान की अनुपूरक मांगों को एक या अधिक से अधिक दो बार ही रखे जाने का निर्णय लिया गया है।

भाषा सुभाष वैभव हक वैभव हक

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