राम मंदिर चढ़ावा मामले में जब्त धनराशि नीट पीड़ितों के परिवारों को दे सरकार: पायलट

राम मंदिर चढ़ावा मामले में जब्त धनराशि नीट पीड़ितों के परिवारों को दे सरकार: पायलट

राम मंदिर चढ़ावा मामले में जब्त धनराशि नीट पीड़ितों के परिवारों को दे सरकार: पायलट
Modified Date: July 22, 2026 / 08:09 pm IST
Published Date: July 22, 2026 8:09 pm IST

जयपुर, 22 जुलाई (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने बुधवार को कहा कि सरकार को राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जब्त की गई धनराशि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) प्रश्नपत्र लीक से प्रभावित होकर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को आर्थिक सहायता के रूप में देनी चाहिए।

पार्टी नेताओं के अनुसार, पायलट जयपुर स्थित डॉ. आंबेडकर मेमोरियल वेलफेयर सोसायटी परिसर में देशव्यापी अभियान ‘छात्रों की गूंज’ के तहत आयोजित छात्र संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा, “राम मंदिर चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में सरकार ने जो धनराशि जब्त की है, वह उन निर्दोष छात्रों के परिवारों को दी जानी चाहिए, जिन्होंने नीट पेपर लीक से उपजी मानसिक पीड़ा के कारण अपनी जान गंवा दी।”

पूर्व उपमुख्यमंत्री पायलट ने छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों से निपटने के केंद्र सरकार के रवैये की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि सरकार ने बल प्रयोग किया।

उन्होंने कहा, “देश के युवा अब धैर्य खो रहे हैं, क्योंकि उसकी आवाज नहीं सुनी जा रही। दिल्ली में निहत्थे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और आंसू गैस के गोले छोड़े गए। यह सरकार की असंवेदनशीलता और संवादहीनता को दर्शाता है।”

पायलट ने परीक्षा प्रश्नपत्र लीक की लगातार सामने आ रही घटनाओं पर सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की।

उन्होंने कहा, “पिछले 10 वर्ष में करीब 150 प्रश्नपत्र लीक हो चुके हैं। यह युवाओं के लिए कैंसर जैसी समस्या बन गई है और अब इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।”

उन्होंने कहा कि इस मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

पायलट ने कहा, “केंद्रीय शिक्षा मंत्री को पद से हटाया जाना चाहिए। केवल जांच का आश्वासन देना पर्याप्त नहीं है।”

उन्होंने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने और इस मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा कराने की भी मांग की।

उन्होंने कहा, “छात्रों को न्याय और इस मुद्दे पर संसद में गंभीर चर्चा से कम कुछ भी स्वीकार्य नहीं होगा।”

पायलट ने कहा कि यह राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य से जुड़ा विषय है।

उन्होंने सरकार से अपील की कि वह छात्रों की चिंताओं को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुने और उनका समाधान करे।

भाषा बाकोलिया जोहेब

जोहेब


लेखक के बारे में